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Rishi Sunak: पंजाब से अफ्रीका, फिर इंग्लैंड पहुंचा था ऋषि का परिवार, जानें ब्रिटेन के नए PM की कहानी

Mon, 24 Oct 2022 09:10 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक देश के नए प्रधानमंत्री होंगे। कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों ने सोमवार शाम तक अपने नए नेता को चुनने के लिए वोट डाला। ऋषि सुनक में से किसी एक को विजेता घोषित किया गया।
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Rishi Sunak - फोटो : ANI
ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक देश के नए प्रधानमंत्री होंगे। कंजरवेटिव पार्टी के सदस्यों ने सोमवार शाम तक अपने नए नेता को चुनने के लिए वोट डाला। ऋषि सुनक में से किसी एक को विजेता घोषित किया गया। 

बोरिस जॉनसन के पीछे हटने के बाद प्रधानमंत्री पद की रेस में वह सबसे आगे चल रहे थे। करोड़ों भारतीय लोगों में भी उनके इस पद पहुंचने को लेकर उत्साह बना हुआ था। भारत में बड़ी संख्या में लोग यही चाहते थे कि ऋषि ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनें। 

ऐसा इसलिए भी क्योंकि ऋषि भारतीय मूल के हैं। उनका ससुराल भी भारत में ही है। ऐसे में आज हम आपको ऋषि सुनक की कहानी बताएंगे। आखिर भारत में मूलत: कहां के रहने वाले हैं ऋषि? कैसे उनका परिवार इंग्लैंड में बसा और कैसे उन्होंने राजनीति की शुरुआत की? आइए जानते हैं....
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जन्म से शुरुआत करते हैं

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Rishi Sunak, ऋषि सुनक - फोटो : twitter/@Rishi Sunak
ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्पटन में हुआ था। उनकी मां का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक था। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। 1960 में वह अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए थे। बाद में यहीं से उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। तब से सुनक का पूरा परिवार इंग्लैंड में ही रहता है। ऋषि ने भारत के बड़े उद्योगपतियों में शुमार इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की है। सुनक और अक्षता की दो बेटियां हैं। उनकी बेटियों के नाम अनुष्का सुनक और कृष्णा सुनक है।  
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कॉलेज में पढ़ाई और फिर प्यार

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ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति - फोटो : अमर उजाला
ऋषि सुनक की शुरुआती पढ़ाई इंग्लैंड के 'विनचेस्टर कॉलेज' से हुई है। उन्होंने आगे की पढ़ाई ऑक्सफोर्ड से की है। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री भी प्राप्त की। ऋषि सुनक की अक्षता मूर्ति से मुलाकात एमबीए की पढ़ाई के दौरान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी। अक्षता इंफोसिस के संस्थापक एन. नारायणमूर्ति और इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा नारायणमूर्ति की बेटी हैं। पढ़ाई के दौरान ही दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। 2009 में दोनों की शादी बेंगलुरु में भारतीय रीति-रिवाज से हुई। अक्षता इंग्लैंड में अपना फैशन ब्रैंड भी चलाती हैं। आज की तारीख में वह इंग्लैंड की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं। 

नौकरी, व्यवसाय और फिर राजनीतिक पारी की शुरुआत

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Rishi Sunak - फोटो : RishiSunak.com
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के बाद ऋषि ने 'गोल्डमैन सेक्स' में नौकरी की। ऋषि शुरू से काफी होनहार रहे हैं। 2009 में उन्होंने नौकरी छोड़ अपना व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद उनका व्यवसाय बढ़ता ही गया। 2013 में 'कैटामारन वेंचर्स यूके लिमिटेड' में उन्हें और उनकी पत्नी को डायरेक्टर नियुक्त किया गया। 2015 में उन्होंने इस फर्म से इस्तीफा दे दिया लेकिन उनकी पत्नी इससे जुड़ी रहीं। यह कंपनी अक्षता के पिता एन. नारायण मूर्ति की है।
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ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में सुनक के नाम की आधिकारिक घोषणा

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ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन - फोटो : अमर उजाला
ऋषि सुनक ने 2014 में पहली बार राजनीति में कदम रखा। 2015 में उन्होंने रिचमंड से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2017 में उन्होंने एक बार फिर जीत मिली। इसके बाद 13 फरवरी 2020 को उन्हें इंग्लैंड का वित्त मंत्री बनाया गया।

इसी साल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन पर तमाम तरह के आरोप लगे तो ऋषि सुनक ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद लगातार जॉनसन कैबिनेट के कई मंत्रियों ने इस्तीफा दिया। इसके बाद नए प्रधानमंत्री के लिए चुनाव शुरू हुए। इसमें ऋषि सुनक मजबूत दावेदार बनकर उभरे।

इसके बाद उनकी मुख्य लड़ाई ऋषि और लिज के बीच रही। लेकिन लिज ट्रस प्रधानमंत्री बन गई थीं। हालांकि, लिज ट्रस ने छह सप्ताह बाद ही प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ऋषि सुनक भी प्रधानमंत्री की दौड़ में आ गए। पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा दावेदारी वापस लेने के बाद सुनक का प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। अब सोमवार को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में उनके नाम का ऐलान किया गया है। 
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ऋषि सुनक का करियर और ब्रिटेन का सियासी घटनाक्रम

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ऋषि सुनक-लिज ट्रस - फोटो : Social Media
  • 2015: ऋषि सुनक को रिचमॉन्ड, यॉर्कशायर का सांसद चुना गया।
  • 2016: सुनक ब्रेक्जिट (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर निकलने) के समर्थक हैं। उन्होंने इसके पक्ष में अभियान चलाया।
  • 2018: तत्कालीन प्रधानमंत्री टेरेजा मे के तहत सुनक को पहली बार मंत्री बनाया गया। उन्हें आवास, समुदाय एवं स्थानीय शासन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई।
  • जुलाई 2019: सुनक ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद के लिए बोरिस जॉनसन का समर्थन किया। मंत्री भी बने।
  • फरवरी 2020: ब्रिटिश चांसलर और तत्कालीन प्रधानमंत्री के बीच सत्ता की रस्सकशी को लेकर जावेद के इस्तीफा देने के बाद बोरिस जॉनसन ने सुनक को चांसलर के रूप में पदोन्नत किया।
  • अप्रैल 2020: लॉकडाउन के बाद नौकरियां बचाने और कारोबार को राहत देने वाले उपाय को लेकर सुनक की सराहना की गई।
  • 2021: पार्टीगेट प्रकरण के कारण जॉनसन के प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए समस्याएं पेश आने के बाद उनके उत्तराधिकारी के तौर पर सबसे पसंदीदा नेता के तौर पर सुनक का नाम उभर कर सामने आया था। 
  • फरवरी 2022: ब्रिटेन के चांसलर सुनक ने स्वीकार किया कि वह डाउनिंग स्ट्रीट स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में जॉनसन के जन्मदिन के कार्यक्रम में उपस्थित थे। यह कार्यक्रम लॉकडाउन के तहत लागू नियमों का उल्लंघन था।
  • अप्रैल 2022: अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति को इंफोसिस कंपनी से हुई अपनी आय पर ब्रिटेन में कथित तौर पर कर नहीं देने को लेकर वह और सुनक मीडिया की खबरों में रहे।
  • जुलाई 2022: ऋषि सुनक ने चांसलर के पद से इस्तीफा दे दिया।
  • आठ जुलाई: सुनक ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के तौर पर जॉनसन की जगह लेने के लिए अपनी दावेदारी पेश की।
  • 20 जुलाई: ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद की प्रतिस्पर्धा के अंतिम चरण में लिज ट्रस से मुकाबला करने के लिए सुनक 137 वोट के साथ कंजरवेटिव पार्टी में सबसे आगे निकल गए।
  • 30 अगस्त: सुनक खेमे ने ट्रस पर जांच से बचने का आरोप लगाया।
  • एक सितंबर: सुनक ने चुनाव प्रचार से जुड़े अंतिम कार्यक्रम में अपने माता-पिता तथा पत्नी अक्षता मूर्ति का, उनके सहयोग के लिए आभार जताया।
  • पांच सितंबर: ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री बनने के लिए कंजरवेटिव पार्टी के नेतृत्व की दौड़ में लिज ट्रस ने सुनक को हराया।
  • 14 अक्तूबर: ब्रिटिश प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने शेयर बाजार में घबराहट के माहौल के बीच चांसलर पद से क्वासी क्वार्तेंग को बर्खास्त किया।
  • 20 अक्तूबर: ट्रस ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के महज छह हफ्ते बाद एक खुली बगावत का सामना करने के बीच इस्तीफा दे दिया।
  • 24 अक्तूबर: दिवाली के दिन पेनी मॉर्डंट के दौड़ से हटने की घोषणा के बाद सुनक को कंजरवेटिव पार्टी का निर्विरोध नेता चुन लिया गया। सुनक अब ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचेंगे।
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