ताइवान में भूकंप
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बुधवार को ताइवान भूकंप के झटकों से दहल गया। यहां 7.7 की तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के झटकों से शहर के कई हिस्सों में अफरा-तफरी मच गई। द्वीप के पूर्वी तट पर भूकंप के बाद अब तक सात लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 700 से अधिक घायल हो गए हैं।
बताया गया कि करीब 25 साल बाद ताइवान के लोगों ने सबसे ताकतवर भूकंप को महसूस किया है। इससे पहले 1999 में आए भूकंप ने हजारों लोगों की जान ले ली थी।
आइये जानते हैं कि ताइवान में कब-कब बड़े भूकंप आए? इनसे क्या नुकसान हुआ? अभी कितना खतरनाक भूकंप आया है?
1935 में सबसे घातक भूकंप
ताइवान का सबसे घातक भूकंप अप्रैल 1935 में द्वीप के पश्चिमी तट के पास आया था। इसमें 3,200 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि 12,000 से अधिक अन्य घायल हुए थे। वहीं 50,000 से अधिक घर नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए थे।
ताइवान में भूकंप
- फोटो : National Museum of Natural Science
1999 में अलग-अलग तीव्रता के 600 झटकों से दहला ताइवान
इसके बाद 1999 में ताइवान को इतिहास के दूसरे सबसे खतरनाक भूकंप का सामना करना पड़ा था। भूकंप 21 सितंबर, 1999 को सुबह 1:47 बजे सन मून झील से 12.5 किमी पश्चिम में आया। उस वक्त अधिकांश लोग सो रहे थे। इसका केंद्र नानटौ काउंटी था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के राष्ट्रीय भूकंप सूचना केंद्र ने इसकी तीव्रता 7.6 बताई थी। मुख्य भूकंप के बाद से द्वीप पर अलग-अलग तीव्रता के कुल 600 झटके महसूस किए गए थे। इनमें से कम से कम 36 बड़े झटके आए थे।
भूकंप के कारण लगभग पूरे द्वीप में बिजली गुल हो गई थी। दक्षिण में चियाई से लेकर उत्तर में ताइपे तक लगभग पूरे द्वीप में नुकसान हुआ था। हालांकि, सबसे ज्यादा नुकसान भूकंप के केंद्र के पास नानटौ और ताइचुंग में हुआ था, जहां सैकड़ों इमारतें जमींदोज हो गईं।
ताइवान में भूकंप
- फोटो : National Museum of Natural Science
शवों को रखने के लिए फ्रीजर कम पड़ गए
इस भूकंप में 2,400 से अधिक लोग मारे गए, जबकि 11,000 से अधिक अन्य घायल हुए और हजारों इमारतें नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़कें टूट गईं, पुल ढह गए और भूस्खलन से नदियों का रुख बदल गया, जिससे अचानक झीलें बन गईं। हालत इतने खराब हुए कि मुर्दाघरों में सभी शवों को रखने के लिए फ्रीजर कम पड़ गए। अस्पताल के मुर्दाघर में कर्मचारियों ने मृतकों को प्लास्टिक की चादरों में लपेटकर सड़क के किनारे रखना शुरू कर दिया। बिजली नहीं थी, लिहाजा मुर्दाघर में रखे शव भी 27 डिग्री की गर्मी में जल्द ही सड़ने लगे।
ताइवान में भूकंप
- फोटो : National Museum of Natural Science
लोग डरकर खेतों और पार्कों में बस गए
भूकंप की वजह से ताइवान की राजधानी ताइपे में कई ऊंची इमारतें ढह गईं। हालांकि, बाद में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि 1990 के दशक में ताइवान में भवन निर्माण में तेजी के दौरान गलत तरीके से निर्माण हुआ था। कुछ दिनों की लिए लोग खेतों और पार्कों में बस गए क्योंकि वे इमारतों में रहने से डरने लगे थे। आपदा से अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ।
2016 में आए भूकंप ने ली 114 लोगों की जान
इसके बाद 2016 में ताइवान के युजिंग क्षेत्र में भूकंप ने कहर बरपाया था। फरवरी महीने में आए 6.4 तीव्रता के भूकंप के कारण दक्षिण-पश्चिमी ताइवान में 17 मंजिला अपार्टमेंट परिसर ढह गया। इमारत ढहने की वजह से कम से कम 114 लोग मारे गए। बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में उस भूकंप के स्थान के 250 किलोमीटर के भीतर उस पैमाने या उससे अधिक के 90 भूकंप आए थे।
ताइवान में आया भूकंप।
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फिर आया शक्तिशाली भूकंप
2016 के बाद ताइवान में बुधवार सुबह जोरदार भूंकप आया है। यूएसजीएस के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.7 आंकी गई है। कहा जा रहा है कि करीब 25 साल बाद यहां इतना शक्तिशाली भूकंप आया है। भूकंप के झटकों से शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई। पूर्वी ताइवान में कई इमारतें ढह गई हैं। भूकंप के बाद अब तक सात लोगों की मौत की खबर है और 700 से अधिक घायल हो गए हैं।