इस्राइल के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित शहर तेल अवीव और वेस्ट बैंक में अलग-अलग हमलों में तीन लोगों की मौत के बाद पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव बढ़ गया है। सीएनएन ने यह जानकारी दी। यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद पर पुलिस की छापेमारी के बाद इस्राइली सेना ने कथित तौर पर दक्षिणी लेबनान और गाजा में फिलिस्तीनी आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
वेस्ट बैंक पर कब्जा करने के बाद शुक्रवार को एक गोलीबारी की घटना में दो बहनों की मौत हो गई, जिनकी आयु 16 और 20 वर्ष थी। मृतक बहनों के पास ब्रिटिश और इस्राइल की दोहरी नागरिकता थी। इस घटना में उनकी मां भी गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में उसी शाम तेल अवीव में एक हमले के दौरान पर्यटकों के एक समूह को एक कार ने टक्कर मार दी। इस हमले को इस्राइल के अधिकारियों ने 'आतंकी हमले' का नाम दिया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में एक इतालवी व्यक्ति की मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। इनमें तीन ब्रिटिश पर्यटक और एक इतालवी नागरिक शामिल हैं। इस क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण व्यापक तबाही और मानव जीवन का नुकसान हुआ है। लेबनान से इस्राइली क्षेत्र में सैकड़ों रॉकेट दागे जाने के बाद इस्राइल ने हमले शुरू किए। इस्राइली सेना ने इसके लिए फिलिस्तीनी आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिका ने हमलों की निंदा की
सीएनएन के अनुसार, 2006 में दोनों देशों के बीच हुए युद्ध के बाद से लेबनान में यह सबसे तीव्र हमला था। अमेरिका ने वेस्ट बैंक और तेल अवीव में आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की। अमेरिका ने कहा कि आज के तीन भयानक हमले, जिसमें तीन लोग मारे गए और कम से कम आठ अन्य घायल हुए, ने इस्राइल, इटली और ब्रिटेन के नागरिकों को प्रभावित किया। अमेरिकी विदेश विभाग के उपप्रवक्ता वेदांत पटेल ने एक नियमित ब्रीफिंग के दौरान शुक्रवार को एक बयान में कहा कि किसी भी देश के निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना निंदनीय है।