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India Britain Meeting: भारत और ब्रिटेन के बीच दिल्ली में मुक्त व्यापार वार्ता शुरू, मंत्री पीयूष गोयल व ऐनी ट्रेवेलियन ने कही बड़ी बात

Thu, 13 Jan 2022 07:26 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/लंदन

सार

ब्रिटिश सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत के साथ एफटीए के लिए वार्ता की शुरुआत ब्रिटिश कारोबार के लिए एक स्वर्ण अवसर है। 
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गुरुवार को भारत यात्रा पर आईं ब्रिटेन की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत व ब्रिटेन के बीच गुरुवार को दिल्ली में औपचारिक मुक्त व्यापार अनुबंध (FTA) के लिए वार्ता शुरुआत होगी। इससे दोनों देशों के बीच लोगों और वस्तुओं की मुक्त आवाजाही का रास्ता साफ होगा। इससे दोनों के बीच अरबों पाउंड का द्विपक्षीय व्यापार भी सुलभ होगा। वार्ता में ब्रिटेन की ओर से अंतरराष्ट्रीव व्यापार मंत्री ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन ने और भारत की ओर से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भाग लिया। 

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बड़ी आर्थिक शक्तियों के साथ ब्रिटेन करता है यह करार
वार्ता में भाग लेने दिल्ली आईं ब्रिटेन की अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन ने कहा कि एफटीए का मकसद दोनों देशों के बीच हर क्षेत्र में कारोबार को बढ़ावा देना है। एफटीए करार हम विश्व अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले देशों के साथ करते हैं। ब्रिटेन की मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य इस दशक के अंत तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना करना है। यह भारत के साथ हमारी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के  ब्रिटेन के महत्वाकांक्षी एजेंडे का हिस्सा है। इस एजेंडे के तहत वह भारत को एक विश्व के महाशक्ति देशों के बीच अहम स्थान प्रदान करता है।

एक साल में पूरी होगी वार्ता : पीयूष गोयल
एफटीए वार्ता की शुरुआत के लिए आयोजित बैठक में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा हम एक साल में यह वार्ता पूरी करने के प्रति वचनबद्ध हैं। यह पूछने पर कि क्या भारत ने एफटीए के लिए ब्रिटेन से वीजा प्रतिबंधों में छूट की मांग की है? गोयल ने कहा कि दोनों पक्षों ने कहा कि संवेदनशील मुद्दे वार्ता की प्राथमिकता में नहीं हैं। दोनों पक्षों की ओर से ऐसी कोई मांग नहीं है जो पूरी तरह से डील को तोड़ने वाली साबित हो। 
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इससे पहले ब्रिटिश सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत के साथ एफटीए के लिए वार्ता की शुरुआत ब्रिटिश कारोबार के लिए एक स्वर्ण अवसर है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि एफटीए भारत के साथ देश की ऐतिहासिक साझेदारी को उच्च स्तर पर ले जाएगा। यह औपचारिक वार्ता की ब्रिटेन की सबसे तेज शुरुआत होगी। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ ब्रिटिश कारोबार अग्रणी कतार में आ जाएगा। जॉनसन ने कहा था कि भारत की तेज अर्थव्यवस्था के साथ व्यापार करार से ब्रिटेन के कारोबार, श्रमिकों व ग्राहकों को बड़ा लाभ होगा। 

पीएम मोदी व जॉनसन ने जताई थी सहमति
जॉनसन का यह बयान ब्रिटेन की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री ऐनी-मैरी ट्रेवेलियन की नई दिल्ली यात्रा के पूर्व आया। ऐनी 15 वीं ब्रिटेन-भारत संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेटको) की बैठक में भाग लेंगी। दिल्ली में उन्होंने भारतीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक की भारत-ब्रिटेन के बीच व्यापार करार साझेदारी को बढ़ाने के लिए पिछले साल मई में पीएम नरेंद्र मोदी और पीएम जॉनसन ने सहमति जताई थी। 

 भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा
ट्रेवेलियन ने कहा है कि 2050 तक भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। भारत में करीब 25 करोड़ लोगों का मध्यम वर्ग होगा, जो खरीदारी की दृष्टि से बड़ा तबका होगा। हम ब्रिटिश उत्पादों, जिसमें खाने के सामान से लेकर पेय पदार्थ तक शामिल हैं, के लिए इस बड़े बाजार को अनलॉक करना चाहते हैं। 

भारत ब्रिटेन के बीच एफटीए से दोनों देशों को बड़ा लाभ होगा। 2035 तक दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर 28 अरब ग्रेट ब्रिटेन पाउंड तक पहुंच सकता है। भारत ने भी ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन के साथ नई व्यापार रणनीति बनाई है। ब्रिटेन भारत की 2 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था व 1.40 अरब ग्राहकों के बड़े बाजार के साथ व्यापार बाधाएं दूर करना चाहता है। 

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