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फ्रांस में सबसे बड़ा प्रदर्शन: 2000 गिरफ्तार; सड़कों पर लाखों लोग; राष्ट्रपति मैक्रों ने क्या चेतावनी दी?

Mon, 19 Oct 2026 12:30 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस।

सार

फ्रांस में बढ़ती महंगाई और स्कूलों की खराब स्थिति के खिलाफ देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान 2,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने लूटपाट करने वालों से नुकसान की भरपाई कराने और गणतंत्र की व्यवस्था को गिराने की कोशिश करने वालों को जवाबदेह ठहराने की बात कही। मैक्रों ने क्या चेतावनी दी? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
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इमैनुएल मैक्रों - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को कहा कि देशभर में हुए प्रदर्शनों से लोग नाराज हैं और उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। ये प्रदर्शन बढ़ती जीवन-यापन लागत और स्कूलों में खराब स्थितियों के खिलाफ हुए। इन प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 2,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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देश को संबोधित करते हुए मैक्रों ने कहा, जिन लोगों ने लूटपाट की है, उन्हें नुकसान की भरपाई करनी होगी। वहीं, गणतंत्र (गणतांत्रिक व्यवस्था) को गिराने की कोशिश करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। 

उन्होंने कट्टरपंथी वामपंथी समूहों के विद्रोही तत्वों की ओर से की गई 'बेलगाम हिंसा' का भी जिक्र किया। मैक्रों ने कहा कि इन तत्वों के साथ बड़ी संख्या में अपराधी भी शामिल थे।
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राष्ट्रपति चुनाव से पहले बढ़ा दबाव
फ्रांस में प्रदर्शन ऐसे समय तेज हुए हैं, जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में हैं और देश की राजनीतिक स्थिति बंटी हुई है। फ्रांस की उधारी लागत दो दशक से अधिक समय के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट ने सरकार पर दबाव बढ़ाया है।

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पीएम बोले-सरकार डरने वाली नहीं 
इससे पहले फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकॉर्नू ने कहा कि हिंसा के जरिये सरकार पर दबाव नहीं बनाया जा सकेगा। अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह आंदोलन सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक और कानून-व्यवस्था की चुनौती बन रहा है।
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श्रमिक संगठन भी कूदे
पेरिस में प्रदर्शन शुरू होने के बाद यलो वेस्ट आंदोलन की तर्ज पर मजदूर यूनियनों और अन्य नागरिकों ने भी सरकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जरूरी चीजों, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बहुत बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता और युवाओं के लिए गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। 
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