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Macron: अफ्रीका शिखर सम्मेलन में बिना बुलाए मंच पर पहुंचे मैक्रों, अपमान पर भड़के; लोगों को लगा दी डांट

Tue, 12 May 2026 08:05 AM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, नैरोबी

सार

फ्रांस के राष्ट्रपति अफ्रीका समिट में शामिल होने इन दिनों केन्या के दौरे पर हैं। वहां एक कार्यक्रम से फ्रांसीसी राष्ट्रपति का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे लोगों को बुरी तरह से डांटते नजर आ रहे हैं। मैक्रों की इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला
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लोगों को डांट लगाते फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का सोमवार को केन्या के नैरोबी में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों पर भड़क गए और उन्होंने सभागार में बैठे लोगों को बुरी तरह से डांट दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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दरअसल फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सोमवार को नैरोबी में अफ्रीका फॉरवर्ड शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान युवाओं पर केंद्रित एक सत्र का आयोजन हो रहा था। वक्ता मंच पर खड़े होकर बोल रहे थे, लेकिन कार्यक्रम में शामिल लोग बातें कर रहे थे और वक्ताओं को ध्यान से नहीं सुन रहे थे। इससे दर्शक दीर्घा में बैठे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बुरी तरह से नाराज हो गए। 

मैक्रों ने गुस्सा जाहिर करते हुए क्या कहा?
मैक्रों कार्यक्रम के बीच में ही अपनी जगह से उठे और सीधे मंच पर पहुंच गए। उन्होंने एक वक्ता से माइक लिया और अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, 'माफ कीजिए, अरे..अरे..अरे। मुझे माफ करना दोस्तों, लेकिन इतने शोर के बीच में संस्कृति पर बात करना असंभव हैं।' मैक्रों ने कहा, 'ये तो सरासर अनादर है। मेरा सुझाव है कि अगर आप किसी मुद्दे पर बात करना चाहते हैं तो अपने कमरों में जाकर करें या यहां से बाहर चले जाएं। अगर आप यहां रहना चाहते हैं तो लोगों की बात सुननी होगी।'
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सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
हालांकि मैक्रों के इस तरह से लोगों को सरेआम डांटने की आलोचना भी हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग फ्रांस के राष्ट्रपति पर उनके व्यवहार के लिए निशाना साध रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'आदरणीय इमैनुएल मैक्रों, मेरा मानना है कि हमारे महाद्वीप में आकर इस तरह से लोगों को नीचा दिखाना आपके लिए न तो ठीक है और न ही शालीनता भरा। वहां बैठे लोग आपके बच्चे नहीं हैं, इस तरह का व्यवहार न करें। कल्पना कीजिए कि अगर आपके देश में कोई राजकीय मेहमान ऐसा करे तो क्या आप इसे स्वीकार करेंगे? मुझे ऐसा नहीं लगता।'

एक केन्याई-कनाडाई वकीलत डॉ. मिगुना मिगुना ने भी मैक्रों के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की और लिखा कि अफ्रीकी लोगों को अफ्रीका में बोलने के लिए मैक्रों की अनुमति की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि मिगुना 2027 में केन्या के राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं। 
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