फ्रांस में धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी की नेता मेरी ली पेन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से राजनीति में नई कड़वाहट पैदा हो गई है। ली पेन ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। गौरतलब है कि ली पेन अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बन कर उभरी हैं। हाल के जनमत सर्वेक्षणों में वे मैक्रों को कड़ी टक्कर देती दिखी हैं।
इसी बीच एक साप्ताहिक अखबार में ये रिपोर्ट छपी कि नेशनल रैली पार्टी ने यूरोपियन यूनियन से मिले धन का घोटाला किया। इस धन से उसने उन लोगों को तनख्वाह दी, जो उसके अधिकारी नहीं थे। पत्रिका ने ये आरोप पुलिस की एक 98 पेज की रिपोर्ट के आधार पर लगाया है। ली पेन ने इस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें कोई भी नई बात नहीं कही गई है। उन्होंने कहा- अब इस मामले को इसलिए उठाया गया है, क्योंकि जनमत सर्वेक्षणों में मुझे भारी समर्थन मिलता दिख रहा है।
लेकिन फ्रांस सरकार ने ली पेन के इस दावे को ठुकरा दिया है। मैक्रों सरकार में न्याय मंत्री एरिक दुपों-मोरेती ने कहा कि ली पेन ने यह कहकर दोहरा अपमान किया है कि पुलिस ने न्याय मंत्रालय के निर्देश पर ये रिपोर्ट तैयार की। दुपों-मोरेती ने कहा कि उन्होंने ये जानकारी हासिल करने की कोशिश की है कि आखिर ये रिपोर्ट लीक कैसे हुई। लेकिन असल बात है कि यह एक घोटाला है। दुपों-मोरेती ने कहा कि ली पेन और उनकी पार्टी हमेशा दूसरों को यह कहती रही है कि उन्हें पुलिस का सम्मान करना चाहिए। अब यही बात उन्हें खुद पर लागू करनी चाहिए।
नेशनल रैली पार्टी ने कहा है कि इस रिपोर्ट को जानबूझ कर देश में होने वाले क्षेत्रीय चुनावों से कुछ हफ्ते पहले लीक किया गया। गौरतलब है कि फ्रेंच पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई 2016 से ही सार्वजनिक धन के गबन के एक मामले की जांच कर रही है। 2018 में ली पेन और नेशनल रैली पार्टी के 13 नेताओं को जांच के औपचारिक दायरे में लाया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने ईयू से मिले धन का दुरुपयोग करते हुए अपनी पार्टी के अधिकारियों और सुरक्षा गार्ड्स को भुगतान किया। अब लीक हुई रिपोर्ट के मुताबिक ली पेन के एक निजी अंगरक्षक को इसी कोष से कई महीनों तक 9000 यूरो का भुगतान किया गया। लीक दस्तावेजों के मुताबिक नेशनल रैली ने यूरोपीय संसद के सदस्यों को मिलने वाले बजट का दुरुपयोग करने के लिए गलत अधिकार पत्र जारी किए। ये सब ली पेन की जानकारी में हुआ।
लेकिन नेशनल रैली पार्टी ने कहा है कि उसने जो किया, वह तमाम पार्टियां करती हैं। उसने आरोप लगाया है कि एक आम मामले को उछाल कर पुलिस ली पेन को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। विश्लेषकों का कहना है कि लीक दस्तावेजों पर मैक्रों और ली पेन की पार्टियों की बीच छिड़ा संग्राम अगले महीने वाले क्षेत्रीय चुनावों के कारण गरमाता जा रहा है। इसके जल्द ठंडा पड़ने की संभावना नहीं है।
हाल के दिनों में इन दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच बयानबाजी काफी कड़वी हो गई है। दुपों-मोरेती ने हाल में नेशनल रैली पार्टी को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। इसके जवाब में ली पेन ने न्याय मंत्री दुपों-मोरेती को चरमपंथी वाम कार्यकर्ता बता दिया। जानकारों का कहना है कि पहले फ्रांस की राजनीति में ऐसे आरोप नहीं लगाए जाते थे। लेकिन धुर दक्षिणपंथी पार्टी के उभार के साथ देश की राजनीतिक संस्कृति अब बदल रही है।