फ्रांस इस समय कोरोना वायरस संक्रमण की मार से परेशान है। इस महामारी के कारण मैक्रों की लोकप्रियता गिरी है। इसका फायदा ली पेन को मिलता लग रहा है। धुर दक्षिणपंथी राजनीति के विशेषज्ञ फ्रेंच राजनीति शास्त्री ज्यां यवेस ने टीवी चैनल अल जजीरा से कहा ली पेन को जो समर्थन मिलता दिख रहा है, वह उनके लिए उच्चतम स्तर पर है।
लेकिन इसके आधार पर चुनाव नतीजे के बारे में अभी से कोई अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। यवेस ने कहा कि ली पेन को महामारी और तीसरे लॉकडाउन से पैदा हुए असंतोष का फायदा मिल रहा है।
साथ ही उन्हें पिछले अक्तूबर में एक स्कूल शिक्षक की हुई हत्या का भी लाभ मिल रहा है। ली पेन की पार्टी की इस्लामिक विचारधारा विरोधी पहचान पहले से रही है। इसलिए उस हत्या के बाद बने माहौल का फायदा वह उठा रही है।
सैमुएल पैटी नाम के शिक्षक की हत्या पेरिस में की गई थी। पैटी ने अपने छात्रों को पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक कार्टून दिखाया था। इससे नाराज एक 18 वर्षीय छात्र ने उन पर एक स्ट्रीट में हमला कर दिया था। इससे फ्रांस में मुस्लिम विरोधी भावनाएं फिर से फैल गई थीं। इस घटना के बाद मैक्रों सरकार ने कई इस्लामिक संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिए और इस्लामिक संगठनों के विदेशी चंदा लेने पर रोक लगा दी थी।
राजनीति शास्त्री एलन दुहामेल ने एक फ्रेंच न्यूज चैनल से कहा कि साढ़े तीन साल पहले ली पेन का चुनाव जीतना असंभव समझा जाता था। आज भी मैं यह नहीं कह रहा हूं कि ऐसा होने जा रहा है, लेकिन यह संभव जरूर हो गया दिखता है।