दुश्मनों के लिए घातक कहा जाने वाला लड़ाकू विमान राफेल अब और खतरनाक बन रहा है। फ्रांस राफेल की क्षमता को दोगुनी कर रहा है और फ्रांसीसी एयरफोर्स में शामिल राफेल लड़ाकू विमानों पर क्रूज मिसाइल की टेस्टिंग कर रहा है।
हाल ही में फ्रांस ने राफेल से परमाणु मिसाइलों को दागने का अभ्यास खत्म किया है। यह मिसाइल किसी भी मौसम में दुश्मनों को भेदने में सक्षम है। इसे देखते हुए फ्रांस के दुश्मन सकते में आ गए हैं।
वहीं फ्रांसीसी एयरफोर्स ने बताया कि फ्रांस की हथियार कंपनी एमबीडीए की न्यूक्लियर एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल एमबीडीए एएसएमपीए का परीक्षण नौ दिसंबर 2020 को किया गया था। उस वक्त राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट और एमबीडीए के अधिकारी मौजूद थे।
आगे बताया कि राफेल से लॉन्च की गई मिसाइलों ने बड़ी सटीकता से अपने लक्ष्य को भेदा। साथ ही आने वाले कुछ दिनों में इन मिसाइलों के और भी परीक्षण किए जाएंगे।
फ्रांस की ऐसी तैयारियों को देखते हुए तुर्की के कान खड़े हो गए हैं, हाल ही में भूमध्य सागर में तेल और गैस की खोज को लेकर हुए तनाव से फ्रांस और तुर्की एक दूसरे को धमकी दे रहे हैं। वहीं तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कई बार फ्रांस को युद्ध की धमकी दी है। इसे लेकर फ्रांस अपनी फाइटर जेट को और भी खतरनाक बना रहा है।
भारतीय वायुसैनिक फ्रांस में ले रहे हैं राफेल उड़ाने का परीक्षण
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने 5 अक्तूबर को कहा था कि सभी 36 राफेल लड़ाकू विमान वर्ष 2023 तक भारत आ जाएंगे। फ्रांस ने 10 राफेल लड़ाकू विमान भारत को सौंप दिए हैं, जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं। इनमें भारतीय वायुसेना के पायलटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारतीय पायलटों का मार्च, 2021 तक प्रशिक्षण पूरा होने की संभावना है।
अप्रैल 2021 तक 16 और लड़ाकू विमानों की डिलीवरी के साथ, गोल्डन एरो स्क्वाड्रन को अपने सभी 18 लड़ाकू विमान मिल जाएंगे। पूर्वी मोर्चे के लिए कम से कम तीन लड़ाकू राफेल स्क्वाड्रन में भेजे जाएंगे। ये बंगाल के हासीमारा एयरबेस में तैनात होंगे, जो चीन से लगती पूर्वी सीमा की रखवाली करेंगे।
भारत सरकार ने वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए चार साल पहले 36 राफेल विमान खरीने के लिए फ्रांस के साथ 59,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।