फ्रांस की व्यंग पत्रिका ‘शार्ली आब्दो’ ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून एक बार फिर प्रकाशित किया है। पैगंबर का कार्टून छापने पर 2015 पर उसके कार्यालय पर आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 17 लोग मारे गए थे। पांच साल की लंबी जांच के बाद बुधवार को अदालत में सुनवाई शुरू हुई। इसकी पूर्व संध्या पर मंगलवार को पत्रिका ने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दोबारा छापने की बात कही थी।
पत्रिका ने कहा, इतिहास को न तो दोबारा लिखा जा सकता और न ही मिटाया जा सकता है। इस सप्ताह कार्टून के प्रकाशन के साथ संपादकीय में पत्रिका ने कहा कि हमलों के बाद उसने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून प्रकाशित नहीं करने का फैसला लिया था, लेकिन मामले की सुनवाई शुरू होने के चलते उसके लिए ऐसा करना जरूरी हो गया था।
हमलावरों को हथियार और रसद मुहैया कराने के आरोपी 13 पुरुषों और एक महिला के खिलाफ बुधवार से सुनवाई शुरू होनी है। आतंकी हमले से जुड़े मामले की सुनवाई मार्च में शुरू होनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते सुनवाई टालनी पड़ी।
पैगंबर का कार्टून प्रकाशित होने के बाद पूरी दुनिया में फ्रांस की इस पत्रिका को काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। शार्ली आब्दो के दफ्तर पर हुए इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी।