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France: फ्रांस ने अमेरिका पर लगाया कंपनियों के कामकाज में दखल देने का आरोप, ट्रंप की नीति से जुड़ा विवाद

Sun, 30 Mar 2025 11:54 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस।

सार

 France: फ्रांस की मंत्री ओरोर बर्जे ने अमेरिकी राजनयिकों पर फ्रांसीसी कंपनियों के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दूतावास ने कंपनियों को पत्र भेजकर ट्रंप के डीईआई (विविधता, समानता और समावेशिता) विरोधी आदेश का पालन करने को कहा है।
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ओरोर बर्जे - फोटो : एक्स/ओरोर बर्जे
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विस्तार
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फ्रांस की एक मंत्री ने रविवार को अमेरिकी राजनयिकों पर फ्रांसीसी कंपनियों के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया। मंत्री ने कहा कि अमेरिका के दूतावास से इन कंपनियों को पत्र भेजा गया, जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विविधता, समानता और समावेशिता (डीईआई) पहलों को खत्म करने का आदेश अमेरिका से बाहर भी लागू हो सकता है। 

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अमेरिकी दूतावास के कथित पत्र में क्या कहा गया
फ्रांसीसी मीडिया ने कहा कि इस पत्र पर अमेरिका के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हस्ताक्षर थे, जो वर्तमान में पेरिस स्थिति अमेरिकी दूतावास में कार्यरत हैं। प्रमुख फ्रांसीसी कंपनियों को भेजे गए इस पत्र में कहा गया कि ट्रंप का आदेश उन सभी कंपनियों पर लागू होगा, जो अमेरिकी सरकार को सेवाएं या सामान देती हैं, चाहे वे किसी भी देश में हों। पत्र में कंपनियों से पांच दिनों के भीतर एक फॉर्म भरकर जमा करने को कहा गया था। फ्रांसीसी अखबार 'ले फिगारो' ने इस फॉर्म को प्रकाशित किया था। इसमें कहा गया, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के सभी ठेकेदारों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे ऐसा कोई कार्यक्रम संचालित नहीं करते जो डीईआई को बढ़ावा देता हो और किसी भी भेदभाव विरोधी कानून का उल्लंघन करता हो। फॉर्म में प्राप्तकर्ताओं से एक बॉक्स पर टिक करने के लिए कहा गया था, जिससे यह पुष्टि हो कि वे कोई ऐसा कार्यक्रम संचालित नहीं करते जो डीईआई पहलों को बढ़ावा देता हो और किसी भी संघीय भेदभाव विरोधी कानूनों का उल्लंघन करता हो। 

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हमारे कारोबारों पर आदेश थोपने की कोशिश : फ्रांसीसी मंत्री
पत्र में आगे यह भी कहा गया कि अगर आप इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने पर सहमत नहीं हैं, तो कृपया वजह का विस्तार से विवरण प्रदान करें, जिन्हें हम अपनी कानूनी सेवा टीम को भेजेंगे। फ्रांस की महिला एवं पुरुष समानता मंत्री ओरोर बर्जे ने रविवार को इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह साफ तौर पर दखल देने का एक तरीका है। यह हमारे कारोबारों पर एक तरह का आदेश थोपने की कोशिश है। 
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'पता लगा रहे किन कंपनियों को मिला पत्र'
प्रसारक बीएफएमटीवी से बातचीत में बर्जे ने कहा कि फ्रांस सरकार इस मामले पर करीब से नजर रख रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितनी कंपनियों को यह पत्र मिला है। मंत्री ने बताया कि कई कंपनियों ने सरकार क बताया है कि वे इस पत्र का जवाब नहीं देना चाहते, क्योंकि यह एक तरह का अल्टीमेटम है, जिसमें जवाब देना जरूरी नहीं समझा जा रहा। उन्होंने स्पष्ट कहा, हम अपने व्यवसायों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकते। संयोग से अधिकांश फ्रांसीसी कंपनियां अपनी नीतियं में कोई बदलाव करने की योजना नहीं बना रही हैं। 

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