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अमेरिका में नए वीजा नियमों ने बढ़ाई चिंता: क्या बीच में छूट सकती है भारतीय छात्रों की पढ़ाई? पढ़ें पूरा मामला

Mon, 20 Jul 2026 03:40 PM IST
अमन तिवारी आईएएनएस, वाशिंगटन

सार

भारतीय नीति समूह एफआईआईडीएस ने चेतावनी दी है कि अमेरिका में एफ-1 और जे-1 वीजा पर चार साल की नई सीमा से अंतरराष्ट्रीय छात्रों की पढ़ाई बीच में छूट सकती है। संगठन ने इस नियम पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
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अमेरिका के स्टूडेंट वीजा नियम में बदलाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय प्रवासियों के नीति समूह 'फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज' (एफआईआईडीएस) ने एक बड़ी चेतावनी दी है। संगठन का कहना है कि एफ-1 और जे-1 वीजा पर चार साल की नई सीमा तय करने से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपनी डिग्री या रिसर्च के बीच में ही अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। एफआईआईडीएस ने अमेरिकी जनप्रतिनिधियों और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) से इस नए नियम को तुरंत रोकने की अपील की है। यह नियम सितंबर के मध्य से लागू होने वाला है।
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क्या है नया नियम?
इस नए नियम के तहत वर्षों से चली आ रही 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' नीति को समाप्त कर दिया गया है। अब विदेशी छात्रों के रहने की अधिकतम सीमा चार साल तय कर दी गई है। इसमें ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) और एसटीईएम ओपीटी की अवधि को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, पढ़ाई पूरी होने के बाद मिलने वाली 60 दिनों की ग्रेस पीरियड को घटाकर 30 दिन कर दिया गया है। अब वीजा अवधि बढ़ाने के लिए छात्रों को फॉर्म आई-539 के जरिए पहले से मंजूरी लेना जरूरी होगा।

अमेरिकी रिसर्च और इनोवेशन को नुकसान
एफआईआईडीएस में नीति प्रमुख खंडेराव कंद ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि स्नातक की पढ़ाई में औसतन 52 महीने और पीएचडी में लगभग 5.7 साल का समय लगता है। ऐसे में चार साल की सीमा व्यावहारिक नहीं है। यूएससीआईएस के पास पहले से ही 1.1 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जिन्हें सुलझाने में एक साल का समय लगता है। इस नियम से छात्र बीच में ही बाहर हो जाएंगे, जिससे प्रयोगशालाओं को नुकसान होगा और अमेरिका अपनी इनोवेशन क्षमता प्रतिस्पर्धी देशों को सौंप देगा।
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वीजा विस्तार में अनिश्चितता
संगठन ने बताया कि कई रिसर्च प्रोग्राम, डॉक्टोरल कोर्स और मेडिकल ट्रेनिंग में चार साल से अधिक का समय लगता है। जे-1 रिसर्च स्कॉलर्स और डॉक्टरों को भी अपना कोर्स पूरा करने में पांच से सात साल लगते हैं। वीजा विस्तार को लेकर अनिश्चितता से प्रयोगशालाओं के काम में रुकावट आएगी, ग्रेजुएशन में देरी होगी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को जोड़ने की योजनाएं प्रभावित होंगी।

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एफआईआईडीएस के सुझाव और आर्थिक प्रभाव
एफआईआईडीएस ने अमेरिकी कांग्रेस से 'ड्यूरेशन-ऑफ-स्टेटस' सुरक्षा को फिर से शुरू करने की मांग की है। संगठन ने सुझाव दिया है कि अच्छे छात्रों को स्वतः वीजा विस्तार मिले, चार साल की गणना में ओपीटी को शामिल न किया जाए, आवेदनों का तेजी से निपटारा हो और 60 दिन की ग्रेस पीरियड बहाल की जाए। संगठन के अनुसार, साल 2025 के फॉल सेमेस्टर में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के दाखिले में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को 1.1 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है और करीब 23,000 नौकरियों पर असर पड़ा है।
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