नेपाल में यह चुनाव राजनीतिक अस्थिरता और पूर्व प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद कराए जा रहे हैं। चुनाव प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाता हिस्सा लेने वाले हैं। कार्यवाहक सरकार के गठन के बाद संसद भंग कर चुनाव की घोषणा की गई थी, जिसके चलते अब राजनीतिक दलों और नेताओं की सक्रियता तेज हो गई है।
नेपाल में आगामी आम चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अगुवाई वाली सरकार के चार मंत्रियों ने चुनाव लड़ने के लिए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले आम चुनाव लड़ने के लिए इन सभी ने अपना नामांकन दाखिल किया है।
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विज्ञान और शिक्षा मंत्री महाबीर पुन ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देने के बाद म्याग्दी जिले से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। इससे पहले सोमवार को संचार मंत्री जगदीश खरेल और खेल मंत्री बबलू गुप्ता ने भी मंत्री पद छोड़कर प्रतिनिधि सभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया था।
किन मंत्रियों ने दिया इस्तीफा?
जगदीश खरेल ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की ओर से ललितपुर-2 निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है, जबकि बबलू गुप्ता ने सिराहा-1 सीट से पर्चा भरा है। इसके अलावा, ऊर्जा और जल संसाधन मंत्री कुलमान घिसिंग ने कुछ सप्ताह पहले ही इस्तीफा देकर उज्यालो नेपाल पार्टी के अध्यक्ष के रूप में राजनीति में नई भूमिका संभाली थी। घिसिंग ने मंगलवार को काठमांडू निर्वाचन क्षेत्र संख्या-3 से अपना नामांकन दाखिल किया।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में होने वाले इस आम चुनाव में कुल एक करोड़ 89 लाख तीन हजार 689 मतदाता मतदान के पात्र हैं। इनमें 92 लाख 40 हजार 131 महिलाएं शामिल हैं।