यूक्रेन के खेरसन में एक हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। हालांकि, रूस ने कीव पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका से मिली हिमारस मिसाइलों का इस्तेमाल किया है और कब्जे वाले इलाके से नागरिकों को निकालने के लिए यह हमला किया है।
बता दें कि पिछले महीने रूस ने चार यूक्रेनी क्षेत्रो दोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसन और जपोरिजिया में कथित जनमत संग्रह कराया था। जिसके बाद इन चारों इलाकों को रूस में शामिल कर लिया गया। हालांकि, यूक्रेन, अमेरिका और पश्चिमी देशों ने इस जनमत संग्रह को स्वीकार नहीं किया।
कब्जे वाले इलाकों में मार्शल कानून की घोषणा के बाद ताजा मिसाइल हमला
यह हमला तब हुआ है जब दो दिन पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने घोषणा की थी कि वह यूक्रेन के इन चारों हिस्सों में मार्शल कानून लागू करेंगे। पुतिन ने यह घोषणा सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान की थी।
पुतिन ने अपने संबोधन में क्या कहा?
रूसी राष्ट्रपति ने एक टेलीविजन संबोधन में कहा, इस मामले में मैं आपको याद दिला दूं कि दोनेत्स्क लोक गणराज्य, लुहान्स्क लोक गणराज्य, खेरसन और जपोरिजिया क्षेत्रों में पहले से ही मार्शल कानून लागू था, जब वे रूस में शामिल नहीं हुए थे।
पुतिन ने कहा, अब हमें रूसी कानून के ढांचे के भीतर इस शासन को औपचारिक रूप देने की जरूरत है। रूसी संघ के इन चार क्षेत्रों में मार्शल कानून का एक प्रस्ताव औपचारिक रूप से पेश किया गया है और इसे तुरंत फेडरेशन काउंसिल को भेजा जाएगा।
यूक्रेनी बलों ने किया मिसाइल हमला : डिप्टी गवर्नर, खेरसन
खेरसन में तैनात रूसी कठपुतली डिप्टी गवर्नर किरिल्ल स्ट्रेमुसोव ने कहा कि नागरिकों की क्रॉसिंग पर यूक्रेनी बलों ने मिसाइल हमला किया। वहीं, यूक्रेन के एक अधिकारी ने हमले की बात की स्वीकार की लेकिन कहा कि यह हमला नागरिक कर्फ्यू के बाद हुआ।
परमाणु हथियारों का सहारा ले सकता है रुस?
इससे पहले कब्जे वाले इन चार इलाकों में रूसी नेताओं ने बड़ी संख्या में लोगों को ट्रांसफर करना शुरू कर दिया था। इसके बाद से विश्व स्तर पर इस बात की चिंताएं बढ़ रही हैं कि मॉस्को परमाणु हथियारों का सहारा ले सकता है।
चार शामिल क्षेत्रों के निवासी हमेशा के लिए रूसी नागरिक : पुतिन
रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन ने औपचारिक रूप से चार क्षेत्रों दोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसन, जपोरिजिया के विलय की घोषणा के बाद दावा किया कि यह लाखों लोगों की इच्छा है। पुतिन ने कहा कि चार शामिल क्षेत्रों के निवासी अब हमेशा के लिए रूस के नागरिक होंगे।