पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा पश्चिम के लिए अहम है, लेकिन ट्रंप की टैरिफ धमकियां आर्कटिक की स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को किसी भी हालत में अपने अधीन करना चाहते हैं, लेकिन डेनमार्क ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में किसी भी हद तक नहीं जाएगा। यूरोप के अधिकांश देशों ने डेनमार्क का समर्थन किया है, जिससे ट्रंप काफी परेशान हैं। इसके जवाब में उन्होंने यूरोप के आठ प्रमुख देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। हालांकि, ट्रंप के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने इस कदम को बेतुका और असंगत बताया है।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड विवाद पर यूरोप को 25% टैरिफ की धमकी दी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर बताया कि डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड पर 1 फरवरी, 2026 से 10 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ग्रीनलैंड को लेकर कोई समझौता नहीं होता है, तो 1 जून, 2026 से यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।
चीन और रूस ग्रीनलैंड पर अपनी पकड़ बनाना चाहते हैं- ट्रंप
ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका ने दशकों तक डेनमार्क और यूरोपीय देशों को टैरिफ या किसी अतिरिक्त भुगतान के बिना सब्सिडी दी है और अब डेनमार्क को वापस देने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चीन और रूस ग्रीनलैंड पर अपनी पकड़ बनाना चाहते हैं, जबकि डेनमार्क इस मुद्दे पर कुछ कर नहीं सकता। उनका कहना था कि ग्रीनलैंड में सुरक्षा के लिए केवल दो डॉगस्लेड उपलब्ध हैं, जिनमें से एक हाल ही में जोड़ा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि यह संभावित खतरनाक स्थिति जल्दी और बिना किसी विवाद के खत्म हो सके।