मलयेशिया की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक को एक सरकारी निवेश कोष से अरबों डॉलर के गबन के मामले में मंगलवार को दोषी करार दे दिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें 12 वर्ष जेल की सजा सुनायी।
फैसला सुनते समय रज्जाक शांत थे और उनके चेहरे पर कोई भाव नजर नहीं आ रहा था। वह मलयेशिया के पहले ऐसे नेता हैं, जो दोषी करार दिए गए हैं। उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है। सजा सुनाए जाने से पहले संक्षिप्त टिप्पणी में उन्होंने शपथ के साथ कहा कि उन्हें भ्रष्टाचार की कोई जानकारी नहीं थी।
न्यायाधीश मोहम्मद नजलान गजाली ने नजीब को सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में 12 वर्ष की सजा, वहीं आपराधिक अमानत में खयानत के तीन आरोपों में 10-10 वर्ष जेल की सजा सुनायी और धनशोधन के तीन आरोपों के लिए 10-10 वर्ष की सजा सुनायी। न्यायाधीश ने साथ ही नजीब पर 21 करोड़ रिंगित का जुर्माना भी लगाया। हालांकि न्यायाधीश ने आदेश दिया कि ये सजा साथ साथ चलेंगी यानी नजीब को 12 वर्ष जेल की सजा काटनी होगी।
यह फैसला नयी सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में नजीब की मलय पार्टी के बड़े सहयोगी के रूप में शामिल होने के पांच महीने बाद आया है। यह फैसला नजीब के खिलाफ भ्रष्टाचार के पांच मुकदमों में से एक में आया है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला नजीब के अन्य मुकदमों पर असर डालेगा और कारोबारी समुदाय को भी यह संकेत जाएगा कि मलयेशिया का कानूनी तंत्र में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अपराधों से निपटने की ताकत है।
बता दें किअरबों डॉलर के इस घोटाले को लेकर जनता में गुस्से के कारण 2018 में नजीब की पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था।