फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान: 'अराजकता' फैलाने पर अड़े हुए हैं इमरान खान? संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार जारी है बयानबाजी

Mon, 25 Apr 2022 03:52 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पीटीआई के नेता फव्वाज चौधरी ने रविवार को बताया कि पीटीआई की राजनीतिक समिति की रविवार को हुई बैठक में निर्वाचन आयोग के दफ्तरों पर प्रदर्शन का फैसला किया गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ‘पक्षपात और बेईमानी से भरा’ व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने पीटीआई के उन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की अर्जी को दबा रखा है...
विज्ञापन
इमरान खान - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्ता पक्ष की तरफ से अराजकता फैलाने के लगातार लगाए जा रहे आरोपों का पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर कोई असर होता नहीं दिख रहा है। संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ उनका आक्रमण लगातार तेज होता जा रहा है। अब उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने देश भर में निर्वाचन आयोग के दफ्तरों के सामने विरोध प्रदर्शन करने के कार्यक्रम का एलान कर दिया है। पार्टी ने कहा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त सिकंदर सुल्तान राजा के ‘आचरण’ के खिलाफ मंगलवार को ये प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

विज्ञापन


पीटीआई ने इस कार्यक्रम का एलान रविवार को किया, जबकि उसी रोज नई सरकार में योजना मंत्री अहसान इकबाल इमरान खान पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। इकबाल ने यह भी कहा कि इमरान खान पाकिस्तान को उसके दोस्त देशों से अलग-थलग करने के किसी ‘विदेशी एजेंडे’ के तहत काम कर रहे हैं। अब तक इमरान खान ही मौजूदा सरकार में शामिल दलों को विदेशी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते रहे हैं। अब सत्ता पक्ष ने भी उन पर ये इल्जाम लगा दिया है।

जहरीला हुआ सियासी माहौल

मीडिया टिप्पणियों मे कहा गया है कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ रहे गंभीर आरोप-प्रत्यारोप से देश का सियासी माहौल लगातार जहरीला होता जा रहा है। इस पर अगर जल्द रोक नहीं लगी, तो सामाजिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। टीकाकारों ने कहा है कि इमरान खान की रणनीति से जनता के एक बड़े हिस्से में सेना, न्यायपालिका, अन्य राजनीतिक दलों और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अविश्वास बढ़ रहा है।

पीटीआई के नेता फव्वाज चौधरी ने रविवार को बताया कि पीटीआई की राजनीतिक समिति की रविवार को हुई बैठक में निर्वाचन आयोग के दफ्तरों पर प्रदर्शन का फैसला किया गया। चौधरी ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ‘पक्षपात और बेईमानी से भरा’ व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने पीटीआई के उन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की अर्जी को दबा रखा है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा मांगा

इसके पहले शनिवार को इमरान खान ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा मांगा था। एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा था कि पीटीआई का सिकंदर सुल्तान राजा पर भरोसा नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर परिसीमन का काम पूरा ना कर पाने के कारण राजा की अयोग्यता भी सबके सामने आ गई है। लेकिन इमरान की प्रेस कांफ्रेंस के थोड़ी ही देर बाद राजा ने अखबार डॉन को दिए इंटरव्यू में यह साफ कर दिया कि उनका इस्तीफा देने का कोई इरादा नहीं है।

विज्ञापन


पर्यवेक्षकों का कहना है कि ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों के खिलाफ हमला जारी कर पीटीआई इस नैरेटिव को गर्म रखना चाहती है कि इमरान खान ज्यादती का शिकार हुए हैं। साथ ही, पार्टी विदेशी साजिश के जरिए सरकार बदलने की अपनी कहानी पर भी लगातार अड़ी हुई है। इमरान खान यह कह चुके हैं कि वे जल्द ही अपने समर्थकों से इस्लामाबाद कूच करने की अपील करेंगे। पर्यवेक्षकों को आशंका है कि पीटीआई के इस कार्यक्रम के दौरान हिंसा भड़क सकती है। मुमकिन है कि इमरान खान का इरादा इस्लामाबाद में घेरा डालने का हो। वैसी हालत में सुरक्षा बलों को उनके जमावड़े पर कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें