डॉ. सोफरिन ने अब्दुल कदीर खान को विपत्ति का बीज करार देते हुए कहा कि 2000 के दशक के मध्य में सीरिया परमाणु शक्ति बनने के करीब पहुंच गया था। तब इस्राइली खुफिया एजेंसी सबसे बड़ी चूक के करीब थी, जिससे देश का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता था।
इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद के पूर्व प्रमुख डॉ. अनमोन सोफरिन ने दावा किया है कि सीरिया को परमाणु बम देकर पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक अब्दुल कदीर खान इस्राइल का अस्तित्व मिटाना चाहता था। सोफरिन के मुताबिक, खान ने सीरिया को भी एटमी तकनीक बेच दी थी।
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डॉ. सोफरिन ने अब्दुल कदीर खान को विपत्ति का बीज करार देते हुए कहा कि 2000 के दशक के मध्य में सीरिया परमाणु शक्ति बनने के करीब पहुंच गया था। तब इस्राइली खुफिया एजेंसी सबसे बड़ी चूक के करीब थी, जिससे देश का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता था। जमान इस्राइल से बातचीत में सोफरिन ने 15 साल पहले सीरिया के परमाणु रिएक्टर का पता लगाने का ब्योरा देते हुए बताया कि खान दुनिया में किसी को भी परमाणु तकनीक बेचने के लिए तैयार था। सीरिया में पाकिस्तान की सक्रियता को देखते हुए मोसाद को 2000 की शुरुआत पर शक हुआ। इसके बाद वहं सेंट्रीफ्यूज संबंधी गतिविधियों की जानकारी मिली। आखिर में फरवरी 2004 में मोसाद ने सीरिया के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में पहली चेतावनी जारी की।
अमेरिका ने हमले से कर दिया था इनकार
मोसाद ने सीरिया के इस्राइल पर हमले के इरादों को भांप लिया था। सीरिया जल्द ही परमाणु शक्ति बनने वाला था। इस्राइली प्रधानमंत्री ओलमर्ट ने अमेरिका से हमला करने की अपील की, लेकिन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने मना कर दिया। इसके बाद ऑपरेशन आउट द बॉक्स के तौर पर 6 सितंबर, 2007 को बमबारी कर सीरिया के परमाणु ढांचे को नष्ट कर दिया गया।
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खान ने कई देशों को बेची एटमी तकनीक
अब्दुल कदीर खान की मौत 2021 में हुई। वह उत्तर कोरिया समेत कई देशों को परमाणु तकनीक बेचने के लिए बदनाम था। उसे 2004 में नजरबंद कर दिया गया। 2009 में छोड़ दिया गया।