मलयेशिया के 100 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद दाहिनी कूल्हे की हड्डी टूटने से उबर रहे हैं। इस बारे में उनकी बेटी ने कहा कि यह गंभीर है, लेकिन जानलेवा नहीं है। महाथिर मंगलवार को अपने घर पर गिरने के बाद नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती कराए गए। उनके कार्यालय ने बताया कि उन्हें अगले कुछ हफ्तों तक निगरानी और उपचार के लिए अस्पताल में रखा जाएगा। उनकी बेटी मरीना महाथिर ने बुधवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया, “कूल्हे में फ्रैक्चर है। हमें इसके ठीक होने का इंतजार करना होगा, जिसमें उनकी उम्र के कारण समय लगेगा। कूल्हे में फ्रैक्चर होने पर उनकी हालत उतनी ही ठीक है जितनी किसी और की हो सकती है।”
पिता के निधन की अफवाहों को खारिज किया
इसके साथ ही उन्होंने अपने पिता की मृत्यु की अफवाहों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "यह किसी भी व्यक्ति में गंभीर हो सकता है, खासकर 100 साल के बुजुर्ग में, लेकिन यह जानलेवा नहीं है।" महाथिर के बेटे मुखरिज के अनुसार, 100 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति सुबह की सामान्य कसरत, तेज चलने के दौरान गिर गए। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों ने उनकी उम्र के कारण सर्जरी से इनकार कर दिया है। इसलिए उनके ठीक होने में अधिक समय लग सकता है।
दो बार प्रधानमंत्री का पद संभाला है
महाथिर ने 1981 से 2003 तक और फिर 2018 से 2020 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान वह दुनिया के सबसे उम्रदराज राष्ट्राध्यक्ष बन गए। हालांकि वह मुख्यधारा की राजनीति से दूर हो गए हैं, फिर भी वह सार्वजनिक रूप से राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते रहते हैं। यह घटना पूर्व नेता के लिए हाल के वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों की कड़ी में एक और कड़ी जोड़ती है, जिन्हें पहले भी कई बार ऐसी अन्य बीमारियों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है जो गंभीर नहीं थीं।
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महाथिर हृदय रोग से पीड़ित
महाथिर को हृदय रोग से पीड़ित रहे हैं। उनकी दो बाईपास सर्जरी हुई हैं। पहली 1989 में दिल का दौरा पड़ने के बाद और फिर 2007 में चौगुनी बाईपास सर्जरी। वह जुलाई में 100 वर्ष के हो गए और उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने उस समय कहा था। जब तक मैं काम कर सकता हूं, मैं काम करना चाहता हूं। मैं लगभग ऐसा व्यवहार करना चाहता हूं जैसे मैं बूढ़ा नहीं हो रहा हूं। मैं वही जीवन जीने की कोशिश करता हूं जो मैं जवानी में जीता था।