ईरान और अमेरिका के बीच रिश्ते पिछले कुछ समय से बेहद ही तनाव पूर्ण हैं। ऐसे में ईरान ने अमेरिकी नौसेना के सेवानिवृत्त जवान माइकल आर. व्हाइट को हिरासत में लेकर इस तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान ने व्हाइट को हिरासत में लेने की पुष्टि भी कर दी है। माइकल की मां के मुताबिक उनका 46 वर्षीय बेटा ईरान में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने गया जिसके गिरफ्तार होने की सूचना तीन सप्ताह पहले ही मिली है। माइकल के अलावा चार अन्य अमेरिकी भी इस वक्त ईरान की कैद में हैं।
ट्रंप प्रशासन में ईरान द्वारा हिरासत में लिए गए व्हाइट पहले अमेरिकी पूर्व नौसैनिक हैं। परमाणु समझौते से नाता तोड़ने के बाद इस ताजा घटना ने ईरान-अमेरिका के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि व्हाइट की गिरफ्तारी संबंधी परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हुई हैं, लेकिन अतीत में ईरान ने पश्चिमी देशों के नागरिकों और दोहरी नागरिकता वाले लोगों की हिरासत का इस्तेमाल समझौते में फायदा उठाने के लिए किया है। ईरान की अर्द्ध सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने विदेश मंत्रालय प्रवक्ता बहराम घासेमी के हवाले से कहा कि इस गिरफ्तारी के बारे में अमेरिका को पहले ही जानकारी दी गई है।
घासेमी ने कहा, ‘कुछ दिन पहले मशहद शहर में एक अन्य अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया और कैद के पहले ही दिन अमेरिकी प्रशासन को इससे अवगत करा दिया गया।’ बता दें कि फिलहाल ईरान और अमेरिका के रिश्ते काफी खराब हैं और दोनों देशों के शीर्ष नेता एक-दूसरे के खिलाफ जमकर बयानबाजी कर चुके हैं। इस गिरफ्तारी को लेकर ट्रंप प्रशासन में रोष है और वह आगे की कार्रवाई कर रहा है।
अस्थमा व गले के ट्यूमर का चल रहा है ट्रीटमेंट
सेवानिवृत्त जवान माइकल की मां जोआन व्हाइट ने कहा, उनके बेटे के जिंदा व कैद में होने की सूचना तीन हफ्ते पहले ही मिली है। वह कैलिफोर्निया स्थित इंपीरियल बीच में रहता था। 27 जुलाई को वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने ईरान गया था। जोआन ने विदेश मंत्रालय में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा रखी है। उन्होंने बताया कि माइकल अस्थमा और गले के ट्यूमर से जूझ रहा है और उसका ट्रीटमेंट भी चल रहा है।