पिछले साल मंदिर में हुई थी तोड़फोड़।
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इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में पिछले साल हुए झड़प और मंदिरों में तोड़फोड़ की जांच के लिए ब्रिटिश सरकार ने जांच दल का गठन किया है। जांच दल झड़प और तोड़फोड़ की स्वतंत्र रूप से समीक्षा करेगा। ब्रिटेन के कम्युनिटी सेक्रेटरी माइकल गोव ने पूर्व मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा दल की शुरुआत की है। हाउसिंग एंड प्लानिंग और वेस्ट मिडलैंड्स के पूर्व मंत्री लॉर्ड इयान ऑस्टिन समीक्षा की अध्यक्षता करेंगे।
पहले जानिए क्यों हुई थी हिंसा
हाउसिंग एंड कम्युनिटी विभाग ने बताया कि साल 2022 में लीसेस्टर शहर और उसके आस-पास के इलाकों में सांप्रदायिक और सामुदायिक तनाव बढ़ गया था। मामले में अलग-अलग समुदायों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद लीसेस्टर में कई संपत्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया था। इस झड़प के दौरान शहर के एक मंदिर में भी तोड़फोड़ की गई थी। विभाग ने बताया कि मामले को भारत सरकार ने कूटनीतिक रूप से इस मुद्दे को उठाया था। मामले में कई गिरफ्तारियां भी गई थी। विभाग का कहना है कि दुबई में हुए भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान दोनों समुदाय आपस में भिड़ गए थे। इसके बाद लीसेस्टर में भी हिंसा भड़क गई थी।
ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेंगे
गोव ने बताया कि लीसेस्टर में सामुदायिक एकजुटता का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। लेकिन पिछले साल हुई हिंसा काफी परेशान और चौंकाने वाला था। समीक्षा का उद्देश्य है कि हम यह समझ सकें कि पिछले साल हुई हिंसा से हम क्या सीखते हैं। गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन और लीसेस्टर मेयर से भी बात की गई है। हम सांप्रदायिक या सामाजिक हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूर्व मंत्री ऑस्टिन विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र पैनल का नेतृत्व करेंगे, जिससे हम हिंसा के कारण को समझ सके और जान पाए कि ऐसी घटनाओं पर कैसे नियंत्रण किया जा सके।
रिपोर्ट से भविष्य की घटनाओं के लिए सीख मिलेगी
सरकार का कहना है कि समीक्षा दल हिंसा के घटनाक्रम और इसके तथ्यों को स्थापित करेगा। अशांति के कारणों का विश्लेषण करेगा। इस घटना से सीख और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और उन पर नियंत्रण करने के तरीकों का स्पष्टीकरण देगा। लीसेस्टर मेयर सर पीटर सोलस्बी ने कहा कि हम चाहते हैं कि भविष्य में देश में कभी भी सामुदायिक तनाव न हो और दोनों की एकता पर कभी खतरा न आए। जल्द से जल्द समीक्षा दल अपनी जांच पूरी करे और अपनी रिपोर्ट सौंपे।