विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने गुरुवार को लीबिया में संयुक्त राष्ट्र सहयोग अभियान को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को संबोधित किया। यहां उन्होंने कहा कि संघर्षविराम समझौते और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए।
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में लीबिया में स्थिति के संबंध में आशावाद की भावना रही है। विशेष रूप से 23 अक्तूबर 2020 को युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर और 24 दिसंबर 2021 को चुनाव कराने के आरोप में राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन के बाद से इसमें काफी बेहतरी आई है।
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उन्होंने कहा, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो चिंता का विषय हैं। सुरक्षा की स्थिति और अर्थव्यवस्था नाजुक हालात में हैं। लीबिया के आंतरिक मामलों में बाहरी ताकतों की संलिप्तता ने यहां की राजनीति पर नकारात्मक असर डाला है। अगले छह महीने लीबिया के लिए काफी अहम होने वाले हैं।
विदेश सचिव ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 दिसंबर 2021 को मुक्त और सही व्यवस्था के अनुसार हों। लीबिया के दलों को, खासतौर पर 'लीबियन पॉलिटिकल डायलॉग फोरम' को, एक ऐसा समाधान खोजने की जरूरत है जो सही मायनों में प्रभावी सिद्ध हो।
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उन्होंने कहा कि हम राज्य से चुनावों के लिए जरूरी कानून बनाने का अनुरोध भी करते हैं। हमें हर हालत में यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकी गुटों को लीबिया में संचालन न कर सकें। विदेश सचिव श्रृंगला ने कहा कि आईएसआईएल की लीबिया में मौजूदगी और गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय हैं।