देश की स्व-घोषित पूर्वी संसद ने रविवार को कहा कि जनरल खलीफा हफ्तार की सेनाएं लीबिया की राजधानी त्रिपोली में कदम रखने के लिए तैयार हैं।
हफ्तार ने चार अप्रैल को राजधानी और लीबिया के पूरे पश्चिमी क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए त्रिपोली पर हमला करने की घोषणा की थी। हफ्तार ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित राष्ट्रीय समझौते की सरकार के खिलाफ यह कदम उठाया था। बता दें कि इस सरकार की अध्यक्षता प्रधानमंत्री फायज-अल-सेराज के हाथ में है।
हफ्तार के सहयोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अगिला सालेह ने शनिवार को कहा था, 'हमें इन सेनाओं और आतंकवादी संगठनों से छुटकारा पाने की जरूरत है।'
वहीं, मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल सिसी ने रविवार को वर्तमान हालातों पर विचार विमर्श के लिए काहिरा में हफ्तार से मुलाकात की। सिसी के प्रवक्ता ने कहा कि बैठक के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं है। बता दें कि सिसी हफ्तार की सेनाओं के प्रबल समर्थक रहे हैं, जो पूर्वी लीबिया के हितों को नियंत्रित करती है।
पूर्वी सेना के एक अधिकारी ने बताया कि अल सेराज के सहयोगियों की सेना द्वारा हमले की आशंका को लेकर एक संभावित नए मोर्चे में पूर्वी लीबिया नेशनल आर्मी एस साइडर और कल लानूफ तेल बंदरगाहों पर जाने के लिए एक इकाई तैयार कर रही थी। एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सेना बंदरगाहों की सुरक्षा मजबूत करेगी।
सरकार के प्रवक्ता मोहनद यूनुस ने बताया कि त्रिपोली सरकार संघर्ष विराम के लिए तभी सहमत होगी जब पूर्वी लीबिया नेशनल आर्मी के सैनिक पूर्व की ओर वापस लौटेंगे।