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Trump Swearing In Guests: दर्जनभर से अधिक विदेशी मेहमान आएंगे, भारत से जयशंकर, इटली से पीएम मेलोनी; देखिए सूची

Sun, 19 Jan 2025 11:51 PM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं। ट्रंप का ये शपथ ग्रहण कई मायनों में खास होने वाला है। पहली बात तो ये है कि 40 साल बाद समारोह कैपिटल रोटुंडा में होने वाला है। साथ ही इस समारोह की खास बात ये भी है कि पहली बार अमेरिका के एक चुने हुए राष्ट्रपति ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में विदेशी नेताओं को बुलाया है।
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ट्रंप के मेहमान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने वाले हैं। अमेरिकी इतिहास के 47वें राष्ट्रपति बनने जा रहे ट्रंप का शपथ ग्रहण समारोह इसलिए भी यादगार होगा क्योंकि 40 साल बाद समारोह कैपिटल रोटुंडा में होने वाला है। साथ ही इस समारोह की खास बात ये भी है कि पहली बार अमेरिका के एक चुने हुए राष्ट्रपति ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में विदेशी नेताओं को बुलाया है।
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बता दें कि ट्रंप के प्रशासन की ओर से इस बार भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी जैसे नेताओं को अपने समारोह में आमंत्रित किया है। हालांकि शी जिनपिंग खुद नहीं आएंगे, उन्होंने अपनी जगह अपने उपराष्ट्रपति हान झेंग को भेजने का फैसला किया है।

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एस जयशंकर और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे एस जयशंकर
ट्रंप प्रशानस ने विदेश मंत्री एस जयशंकर 20 जनवरी को अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है। दरअसल, ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करेंगे। पिछले साल नवंबर में हुए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को 312 इलेक्टोरल वोट्स और हैरिस को 226 इलेक्टोरल वोट्स मिले थे। चुनाव में बहुमत के लिए किसी प्रत्याशी को 270 इलेक्टोरल वोट्स की जरूरत होती है। 

शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : ANI
शी जिनपिंग नहीं होंगे शामिल
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहले विदेशी नेता थे जिन्हें ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया था। हालांकि शी खुद नहीं आ रहे हैं, बल्कि उन्होंने अपने उपराष्ट्रपति हान झेंग को भेजा है। बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तवान के बीच ट्रंप का ये कदम बेहद खास माना जा रहा है। क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण है और ट्रंप के कई मंत्रिमंडल के सदस्य चीन के कड़े आलोचक हैं। ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यापार, फेंटेनाइल (नशीली दवाइयों) और टिकटॉक पर चर्चा हुई।

डोनाल्ड ट्रंप के साथ इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स

मेलोनी का भी मिला निमत्रंण
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने हाल ही में ट्रम्प के साथ मुलाकात की और अब वे शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगी। मेलोनी और ट्रम्प के बीच अच्छा संबंध बन सकता है, और उन्हें यूरोप और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ माना जाता है। 

इक्वाडोर व पैराग्वे के राष्ट्रपति भी होंगे शामिल
साथ ही ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ और पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को भी दिया गया था। खबर है कि ये दोनों नेता भी ट्रंप के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे। 

अर्जेंटीना की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति-चुनाव जेवियर माइली ने ट्रम्प से मिलने के बाद ट्रम्प के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने का निर्णय लिया। माइली खुद को "अराजकतावादी-पूंजीवादी" मानते हैं और उन्होंने कई कठोर आर्थिक कदम उठाए हैं, जैसे सरकारी कर्मचारियों की छंटनी और सार्वजनिक खर्च में कटौती। उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका के साथ अच्छे संबंध अर्जेंटीना को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ नया समझौता करने में मदद करेंगे।

जॉर्जिया की पूर्व राष्ट्रपति होंगी शामिल
जॉर्जिया के पूर्व राष्ट्रपति सैलोम जौराबिचविली अमेरिकी समारोह में भाग लेंगे। जॉर्जिया में हाल ही में चुनावों के बाद विरोध प्रदर्शन हुए थे और विपक्ष ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था। ज़ौराबिचविली ने कहा कि जॉर्जिया इस क्षेत्र में अमेरिका के लिए बड़ी सफलता या समस्या हो सकता है, क्योंकि रूस हमेशा यहाँ प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करता है।
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ताइवान केविधानसभा अध्यक्ष होंगे शामिल
ताइवान ने ट्रंप के उद्घाटन के लिए अपने विधान सभा अध्यक्ष हान कुओ-यू और सात अन्य प्रतिनिधियों को भेजा है। लेकिन ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके प्रतिनिधि समारोह में नहीं जाएंगे, क्योंकि समारोह को ठंडे मौसम के कारण अंदर किया गया था। हालांकि ताइवान के प्रतिनिधि अमेरिका-ताइवान संबंधों को मजबूत करने के लिए अमेरिकी नेताओं और थिंक टैंक के विशेषज्ञों से मिलेंगे। बता दें कि यह अभी साफ नहीं है कि वे ट्रम्प से मिलेंगे या नहीं।

ताइवान मुद्दे पर चीन की चेतावनी
गौरतलब है कि ट्रंप ने ताइवान से कुछ सेमीकंडक्टर उद्योग वापस लेने के लिए आलोचना की थी, लेकिन उनके पहले कार्यकाल में अमेरिका-ताइवान संबंधों में सुधार भी हुआ था। साथ ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप से ताइवान मुद्दे पर सावधानी से सोचने की अपील की, क्योंकि चीन इसे अपना हिस्सा मानता है और यदि जरूरत पड़ी तो उस पर बल से कब्जा करने की धमकी देता है।

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