दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 को ओमान के को-पायलट ने हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश की। उसने भारतीय मूल के साथी पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान प्रणालियों को नुकसान पहुंचाकर उसे गिराने की कोशिश की। पायलट स्मित ने चाकू के कई वार झेलकर भी कॉकपिट का दरवाजा खोला। स्मित मच्छार के साहस की सराहना हो रही है। वहीं इस्राइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के एक लाउंज का नाम पायलट मच्छार के नाम पर रखने का बिल पेश किया जाएगा।
भारत महान देश, पायलट की बहादुरी से भयानक त्रासदी टली
अबू धाबी के इतिहासकार और पश्चिम एशिया मामलों के जानकार लोए अलशरीफ ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार के बहाने पूरे भारत के प्रति अपना प्रेम जताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, भारत के प्यारे लोगों, चाहे आपकी आस्था या मान्यताएं कुछ भी हों, इंसानियत के नाते आप मेरे भाई-बहन हैं और मैं आप सभी का सम्मान करता हूं और आपसे प्यार करता हूं। आप सचमुच एक महान देश हैं। मुझे यूएई में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर का दोस्त बनने का सौभाग्य मिला, और आज यह जानकर मैं और अधिक भावुक महसूस कर रहा हूं आज की डरावनी घटना के केंद्र में रही फ्लाईदुबई उड़ान के कैप्टन एक भारतीय थे। उनकी हिम्मत और साथ ही उस विमान में समय पर दखल देने वाले लोगों की बहादुरी ने एक भयानक त्रासदी को टालने में मदद की। भारत सचमुच एक महान देश है, और मैं जल्द ही आपके खूबसूरत देश की यात्रा करने के लिए उत्सुक हूं।
ताबुक के अस्पताल में भर्ती हैं मच्छार, दूतावास बोला-मामले पर रख रहे पूरी नजर
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने कहा है कि कॉकपिट में खूनी संघर्ष में घायल कैप्टन स्मित मछार को तुरंत ताबूक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दूतावास उनकी सेहत से जुड़ी हर अपडेट पर नजर रखे हुए है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। दूतावास ने कहा कि वह मछार के परिवार के भी संपर्क में है।
पायलट बने तो मां चिंतित थीं
कैप्टन मच्छार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कई दूसरे पायलटों की तरह एविएशन मेरा बचपन का सपना नहीं था। स्कूल के बाद उन्होंने अपने परिवार के बिजनेस से जुड़े टेक्सटाइल इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया। फिर उन्होंने मैनेजमेंट कोर्स चुना और उसी कोर्स के दौरान एक एविएशन सेमिनार में उन्हें पता चला कि वह क्या करना चाहते हैं। तब वह 19 साल के थे। उनके इस इरादे से मां डरी हुई थीं, जबकि पिता ने इसे शांति से लिया और कहा, बस यह पता करो कि तुम इसे कैसे और कहां कर सकते हो।
कैप्टन के पास 13 साल से अधिक का अनुभव
कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले अनुभवी कॉमर्शियल पायलट हैं। उनके पास बोइंग 737 बेड़े पर उड़ान भरने का 13 साल से अधिक का लंबा अनुभव है। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने भारत की प्रमुख एयरलाइन स्पाइसजेट में भी क़रीब 11 साल तक अपनी सेवाएं दी थीं। वह जून 2022 में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के तौर पर फ्लाईदुबई से जुड़े थे।
- स्मित ने एक साल पहले ही एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा था कि लोग अक्सर केबिन क्रू के साथ ठीक से पेश नहीं आते हैं। जब हालात खराब होते हैं तो आपको उनकी जरूरत होती है। उन्होंने कहा, लोग यह नहीं समझते कि उनकी सुरक्षा किनके हाथ में है।
इस्राइल ने बताया हीरो
इस्राइल के डिप्टी मिनिस्टर अल्मोग कोहेन ने मच्छार को पूरे इस्राइल का हीरो बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, आज इस्राइल देश के हीरो भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार हैं। अपनी अद्भुत सूझ-बूझ से उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला और इस्राइली शेरों को उस कायर लकड़बग्घे पर झपटने का मौका दिया, जिसने लगभग 200 बेगुनाह लोगों की जान लेने की कोशिश की। कैप्टन मच्छार, इस्राइल आपका आभारी है। जब अगली बार इस्राइली संसद नेसेट की बैठक होगी, तो मैं बेन गुरियन एयरपोर्ट पर एक लाउंज का नाम आपके सम्मान में रखने के लिए एक बिल पेश करूंगा। मैं आपके जल्द और पूरी तरह ठीक होने की कामना करता हूं, और आपके परिवार और आपके शानदार माता-पिता को भी शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने आपको सिखाया कि इंसानी जान बचाना ही सबसे बड़ा मूल्य है। आज रात, इस्राइल देश आपको सलाम करता है।