फ्लाईदुबई विमान में हुई चाकूबाजी की वारदात के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के बारे में जानने की उत्सुकता में नेटिजन्स 5,000% से ज्यादा इंटरनेट खंगाल चुके हैं। विदेश में धर्म, भारत में स्मित की जाति जानने की बेचैनी देखी जा रही है।
फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के चर्चे पूरी दुनिया में हो रहे हैं। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में दूसरे पायलट ने उनपर हमला करके प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की। घायल अवस्था में भी उन्होंने हिम्मत दिखाई और न सिर्फ आरोपी पायलट से संघर्ष किया। इसके चलते 174 यात्रियों की जान बच सकी। अब उनकी बहादुरी के साथ लोग उनकी पहचान भी जानना चाहते हैं। इसका असर गूगल ट्रेंड्स पर साफ दिख रहा है।
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24 घंटे में 5000% की उछाल
भारत में ‘स्मित मच्छार’ गूगल की ट्रेंडिंग खोजों में शामिल है। गूगल ट्रेंड्स के आंकड़ों में मच्छार के नाम से जुड़े सर्च शब्दों में 24 घंटे के अंदर 5000 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुआ है। विदेश में जहां उनका धर्म जानने के लिए 3000% अधिक इंटरनेट देखा गया वहीं भारत में नाम से आगे जाति जानने की होड़ रही।
शादीशुदा या नहीं, यह जानने की भी कोशिश...
यही नहीं, स्मित शादीशुदा हैं या सिंगल हैं, इसको लेकर भी काफी गूगल सर्च किया जा रहा है। स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया के दावे के अनुसार गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वधवान में जन्मे मच्छार का परिवार मूल रूप से राजकोट और कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र से भी ताल्लुक रखता है। गुजरात में यह सरनेम लोहाना और नागर ब्राह्मण समुदायों में इस्तेमाल हैं।
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इस्राइली दूतावास ने लगाया स्मित का बिलबोर्ड, कहा-कभी नहीं भूलेंगे
मुंबई। इस्राइल के महावाणिज्य दूतावास ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में शहर में एक विशेष बिलबोर्ड लगाया है। मुंबई स्थित इस्राइल के महावाणिज्य दूत यानिब रेवाच ने सोशल मीडिया पर बिलबोर्ड की तस्वीर साझा करते हुए कैप्टन की बहादुरी की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा, भारत को एक नया हीरो मिल गया है और इस्राइल कैप्टन स्मित मच्छार का नाम कभी नहीं भूलेगा।