फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में हुए हमले का नया वीडियो सामने आया है। इस्राइल के चैनल 12 की ओर से जारी फुटेज में विमान के अंदर मची अफरा-तफरी दिखाई दे रही है। वीडियो में यात्रियों को चिल्लाते हुए सुना जा सकता है। एक यात्री कहता है कि सह-पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की।
फुटेज में कुछ लोग कॉकपिट की ओर इशारा करते हुए हमलावर को बाहर निकालने की बात कहते हैं। इसी दौरान किसी को डॉक्टर बुलाने के लिए कहते हुए सुना जा सकता है। इसके बाद इस्राइली यात्री और डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव घायल कैप्टन की मदद के लिए कॉकपिट की तरफ जाते दिखाई देते हैं।
खून से लथपथ नजर आए कैप्टन स्मित
वीडियो के अगले हिस्से में कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट के बाहर जमीन पर घायल हालत में दिखाई देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया।
वीडियो में कैप्टन मच्छार कहते सुनाई देते हैं कि सह-पायलट ने उन्हें कई बार मारा। वह अपने घायल हाथ के बारे में भी बताते हैं कि हाथ को हिला पा रहे हैं, लेकिन मुट्ठी बंद नहीं कर पा रहे।
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद भी जारी रही अफरा-तफरी
घटना के बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई। फुटेज के एक हिस्से में मेडिकल टीम कैप्टन मच्छार का इलाज करती नजर आती है। वहीं, कुछ यात्री जमीन पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को सह-पायलट के बारे में जानकारी देते दिखाई देते हैं।
घटना के बाद विमान में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मामले की जांच में इस्राइल और यूएई समेत संबंधित एजेंसियां जुटी हुई हैं। यूएई ने भी घटना के पीछे संभावित मकसद और किसी आतंकी कनेक्शन की जांच के लिए विशेष जांच शुरू की है।
नेतन्याहू ने सह-पायलट को लेकर क्या कहा?
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि हमले में शामिल सह-पायलट ने इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी विचारधारात्मक प्रक्रिया का सामना किया था। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार वह आत्मघाती मानसिकता में था और विमान को गिराने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि, घटना की जांच अभी जारी है और हमले के मकसद पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। नेतन्याहू के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर खुद को मारने की बात भी कही थी।
नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार के साहस को सराहा
इससे पहले नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इस घटना को लेकर कई देशों में कैप्टन मच्छार की बहादुरी की चर्चा हुई है। हालांकि, घटना से जुड़े सुरक्षा और हमले के मकसद के पहलुओं की जांच अभी जारी है।
अस्पताल में स्थिर है कैप्टन की हालत
भारतीय राजदूत दीपक मित्तल ने कैप्टन स्मित मच्छार से अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कैप्टन की हालत स्थिर है और वह इलाज के दौरान बातचीत कर रहे हैं। राजदूत के मुताबिक, उनका मनोबल भी अच्छा है। मित्तल ने बताया कि भारतीय दूतावास लगातार यूएई के अधिकारियों के संपर्क में है और कैप्टन के इलाज और परिवार को हरसंभव सहायता दी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने भी उनकी सेहत पर नजर बनाए रखने की बात कही है।