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क्या हमलावर अकेला नहीं था?: फ्लाईदुबई मामले की जांच में नया खुलासा; सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक आई सामने

Fri, 02 Oct 2026 11:07 AM IST
नितिन गौतम वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

फ्लाईदुबई मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी एक चरमपंथी प्रचारक के प्रभाव में था। ऐसे में आशंका है कि वह कट्टरपंथ से प्रभावित होकर विमान को क्रैश कराना चाहता था और इसके पीछे कोई आतंकी संगठन भी हो सकता है। 
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फ्लाईदुबई मामले में नया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फ्लाईदुबई के विमान को क्रैश कराने की साजिश के मामले में जांच चल रही है और जांच एजेंसियां हरसंभव एंगल की जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी दिमागी तौर पर अस्थिर था या फिर वह चरमपंथी था और साजिशन विमान को क्रैश कराना चाहता था। जांच में पता चला है कि आरोपी कट्टरपंथी मिजाज का था और वह महिला सहकर्मियों से हाथ मिलाने से भी परहेज करता था। 
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चरमपंथ के प्रभाव में था आरोपी पायलट
इस्राइली मीडिया चैनल हायोम के मुताबिक आरोपी हाल के वर्षों में किसी चरमपंथी प्रचारक के प्रभाव में था, जो धर्म के नाम पर आत्मघाती हमलों के लिए प्रेरित करता था। इससे पहले इस्राइल हायोम ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि ओमान के ग्रैंड मुफ्ती शेख अहमद बिन हमद अल खलीली ने बार-बार इस्राइल के खिलाफ बयानबाजी की है। उन्होंने 7 अक्तूबर 2023 के हमास के हमले का भी समर्थन किया था। ऐसे में जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि आरोपी ने अकेले इस घटना को अंजाम दिया या फिर किसी इस्लामी आतंकी समूह ने उसकी मदद की। 

11 सितंबर के हमले की तरह बना सकता था एयर बेस को निशाना
जांच में पता चला है कि आरोपी सह-पायलट ने नौ महीने पहले ही फ्लाईदुबई में काम शुरू किया था। ऐसे में जांच की जा रही है कि क्या वह किसी मिशन के तहत ही एयरलाइंस से जुड़ा था या नहीं। गौरतलब है कि फ्लाईदुबई, इस्राइल को सेवाएं देने वाली दो अमीराती एयरलाइंस में से एक है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी विमान को या तो जॉर्डन के रेगिस्तान में क्रैश करना चाहता था, जहां विमान तेजी से नीचे की तरफ गया था या फिर वह 11 सितंबर के हमले की तहत किसी लक्ष्य से विमान को टकराना चाहता था। आरोपी के निशाने पर अमेरिका को सैन्य अड्डे, इस्राइल के परमाणु ठिकाने या इस्राइली वायु सेना के बेस हो सकते थे। 
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इस्राइली सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक आई सामने
फ्लाईदुबई मामले में इस्राइली सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक सामने आई है। दरअसल जिन देशों के इस्राइल के साथ संबंध नहीं है, उन देशों के पायलटों को तेल अवीव उड़ान भरने पर प्रतिबंध है। हालांकि इस्राइली सुरक्षा एजेंसियों ने इसे सख्ती से लागू नहीं किया। फ्लाईदुबई मामले से इस चूक का खुलासा हुआ है।

ओमान के इस्राइल के साथ संबंध नहीं हैं। ऐसे में ओमान के पायलट को इस्राइल जाने वाले विमानों को उड़ाने की अनुमति नहीं है। हालांकि हाल के वर्षों में कई बार ओमान के पायलटों ने तेल अवीव के लिए उड़ान भरी। इस्राइली सुरक्षा एजेंसियों ने सभी एयरलाइंस को अपने नियम की जानकारी दी हुई थी, लेकिन इसे लागू करने की जिम्मेदारी भी सुरक्षा एजेंसियों ने एयरलाइंस पर ही छोड़ दी थी। जिसके चलते नियम का पालन नहीं हो सका और कई एयरलाइंस ने इस्राइल के दुश्मन देशों के पायलटों को भी तेल अवीव उड़ान भरने की इजाजत दी। इस लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। हालांकि अब सरकार ने हवाई यात्रा से संबंधित सभी मामलों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। 
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