फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: पाकिस्तान में आटे की भारी किल्लत, सब्सिडी वाला एक पैकेट 3100 रुपये में, धक्कामुक्की में एक की मौत

Sun, 08 Jan 2023 01:33 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान में गेहूं की कीमत 5,000 रुपये प्रति मन पर पहुंचने के साथ, रावलपिंडी के खुले बाजार में आटा की दर 150 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
विज्ञापन
पाकिस्तान में आटा के लिए हाहाकार - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान में आए दिन आर्थिक स्थिति बिगड़ती ही जा रही है। महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि भुखमरी की नौबत आ गई है। बताया जा रहा है कि करीब आधे पाकिस्तानी परिवारों को  दो जून की रोटी पर आफत आ गई है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक गेहूं की कीमत 5,000 रुपये प्रति मन पर पहुंचने के साथ, रावलपिंडी के खुले बाजार में आटा की दर 150 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शहर शहर में 15 किलो गेहूं का बैग 2,250 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं सब्सिडी वाले आटे जिससे लोगों को राहत मिल रही थी उसका भाव भी आसमान छूने लगा है। सब्सिडी वाले 25 किलो वाले पैकेट के आटे की कीमत 3100 रुपये प्रति पैकेट हो गई है।

विज्ञापन


आटे का पैकेट लेने के लिए धक्कामुक्की, एक की मौत 
पाकिस्तान में आटे की बढ़ी कीमतों की वजह से हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। सब्सिडी वाला आटा का पैकेट पाने की कोशिश में धक्कामुक्की के दौरान सिंध प्रांत में एक व्यक्ति की जान चली गई। सिंध के मीरपुर खास में एक वाहन पर आटे के पैकेट लेकर कुछ लोग पहुंचे। कम कीमत पर आटे के पैकेट की घोषणा सुनते ही बड़ी संख्या में लोग जुट गए।



पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन का जवाब
पाकिस्तान फ्लोर मिल्स एसोसिएशन (पीएफएमए) के मुताबिक, खुले बाजार में गेहूं का आधिकारिक कोटा कम था और गेहूं 5,400 रुपये प्रति मन बेचा जा रहा था। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, रावलपिंडी के नानबाई एसोसिएशन ने कहा है कि अगर कीमतों को नियंत्रण में नहीं लाया गया, तो एसोसिएशन को फिर से आटे की दर 5 रुपये बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन


कीमतों में बढ़ोतरी के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा
कीमतों में बढ़ोतरी के लिए सरकार की ओर से कम गेहूं रिलीज को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। चक्की मालिकों के मुताबिक, पंजाब में आटे के दामों में बढ़ोतरी के लिए अनाज की कमी और गेहूं के ऊंचे समर्थन मूल्य जिम्मेदार हैं।पीएफएमए के पूर्व अध्यक्ष खलीक अरशद ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि पंजाब खाद्य विभाग द्वारा मुश्किल से 21,000-22,000 टन गेहूं जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिंध, खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में सरकारी गेहूं की रिहाई भी नगण्य थी। उन्होंने कहा, 'बाजार में मांग के मुकाबले पर्याप्त अनाज नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें