यमन की राजधानी सना पर बीते छह मई को हुए बड़े इस्राइली हमले के बाद सना एयरपोर्ट से शनिवार को एक बार फिर उड़ानों की शुरुआत हुई। मामले में हवाई अड्डे के प्रमुख खालिद अल-शैफ के मुताबिक, इस्राइल के हमले में टर्मिनल तबाह हो गया और रनवे पर बड़े गड्ढे बन गए। साथ ही कम से कम छह यात्री विमान भी क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें तीन यमन की राष्ट्रीय एयरलाइन 'यमेनिया' के थे।
बता दें कि यमन में जारी संघर्ष के बीच बीते कुछ महीने से सना एयरपोर्ट ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के कब्जे में है। जहां उड़ान सेवा फिर से बहाल होने के बाद शनिवार को यमेनिया एयरलाइन की एक फ्लाइट 136 यात्रियों को लेकर सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी। यह विमान जॉर्डन की राजधानी अम्मान से रवाना हुआ था। इतना ही नहीं शनिवार को सना और अम्मान के बीच तीन और उड़ानों का कार्यक्रम तय किया गया है।
इस्राइल का यमन में हमला
यमन की राजधानी सना में इस्राइल की तरफ से किया गया हमला हमले उस बैलिस्टिक मिसाइल के जवाब में किए थे, जो हूती विद्रोहियों ने तेल अवीव के पास बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर दागी थी। मिसाइल हमले के चलते कुछ दिनों के लिए फ्लाइट्स और यातायात रोका गया था।
हूतियों ने कई बार इस्राइल पर किए ड्रोन हमले
गौरतलब है कि गाजा में चल रहे इस्राइल-हमास युद्ध के दौरान हौतियों ने इस्राइल पर कई बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। साथ ही रेड सी में जहाजों पर भी हमले किए गए, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान बढ़ी है।अमेरिका ने मार्च के मध्य से हूतियों के खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए थे। हालांकि बाद में एक समझौते के तहत अमेरिका ने हमले रोके, और बदले में हौतियों ने जहाजों पर हमले बंद किए। लेकिन हूतियों ने इस्राइल पर हमले जारी रखे। इसके जवाब में शुक्रवार को इस्राइल ने हूती कब्जे वाले होदैदा और सालिफ बंदरगाहों पर फिर से हमले किए।