नेपाल में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पांचों दलों ने अगला आम चुनाव मिल कर लड़ने का इरादा जताया है। लेकिन पर्यवेक्षकों की राय है कि इन दलों के बीच सीटों का बंटवारा आसान नहीं होगा। नेपाल में इस साल से अंत तक संसदीय और प्रांतीय विधायिकाओं के आम चुनाव होने वाले हैं।
सत्ताधारी गठबंधन में नेपाली कांग्रेस के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), जनता समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जन मोर्चा शामिल हैं। समझा जाता है कि यूनिफाइड सोशलिस्ट और जनता समाजवादी पार्टी गठबंधन के मौजूदा स्वरूप से खुश नहीं हैं। ऐसी खबरें आ चुकी हैं कि ये दोनों दल अलग से अपने विकल्प तलाश रहे हैं।
इस बीच नेपाली कांग्रेस के नेताओं ने भी मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया है कि गठबंधन जारी रखने के उनके इरादे के बावजूद सीटों के बंटवारे से जुड़ी कई जटिलताएं सामने हैं। इस बीच प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को भी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल करने की पहल कर पेचीगदी और बढ़ा दी है। अगर ये पार्टी शामिल हुई, तो वह भी कई सीटों पर अपनी दावेदारी जताएंगी।
नेपाली कांग्रेस में टिकट चाहने वालों की कतार लगी हुई है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक सभी दावेदारों को संतुष्ट कर पाना प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के लिए संभव नहीं होगा। अपना टिकट कटने की आशंका के कारण ही नेपाली कांग्रेस के कई नेता लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को गठबंधन में लाने की पहल का विरोध कर रहे हैं।
उधर माओइस्ट सेंटर ने अपने रुख के बारे में भ्रम बना रखा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नारायण काजी श्रेष्ठ पिछले हफ्ते विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से मिले। श्रेष्ठ ने पत्रकारों से साफ कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के अंदर सीटों का बंटवारा ‘बेहद मुश्किल’ है।