पाकिस्तान के कराची एयरपोर्ट के पास हुए बम धमाके के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक महिला भी शामिल है। सिंध के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) के अधिकारियों ने बताया कि पांचों को बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया।
कराची एयरपोर्ट के पास छह अक्तूबर को बलूच विद्रोही समूह द्वारा चीनी श्रमिकों के काफिले को निशाना बनाकर किए गए बम धमाके में दो चीनी नागरिक मारे गए और 17 लोग घायल हुए थे। जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास हुए विस्फोट में संदिग्ध आत्मघाती हमलावर की भी मौत हो गई थी। इसे लेकर पाकिस्तान सरकार ने जांच शुरू करा दी थी।
सिंध के आतंकवाद रोधी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उमर खताब ने बताया कि बम धमाके के बाद हमने चेहरे के जरिये हमलावारों को पहचाना था। इसमें एक प्रशिक्षित महिला आतंकवादी और हमलावर शामिल थी। खताब ने कहा कि अलगाववादी समूहों ने आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए महिलाओं की भर्ती शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले एक महिला हमलावर ने कराची विश्वविद्यालय के अंदर एक वैन को टक्कर मार दी थी, जिसमें चीनी शिक्षक मारे गए थे।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली थी जिम्मेदारी
कराची हवाई अड्डे के पास हुए बम धमाके की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली थी। यह एक जातीय बलूच अलगाववादी समूह है, जिसे आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। बीएलए का आरोप है कि संघीय सरकार बलूचिस्तान के संसाधनों का दोहन कर रही है, जबकि प्रांत के विकास की उपेक्षा की जा रही है। हालांकि, संघीय सरकार इन आरोपों को खारिज करती है। हाल ही में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती बम विस्फोट में बीएलए का हाथ था। इसमें 27 लोग मारे गए थे।
आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में बढ़ोतरी
पाकिस्तान, खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में पिछले एक साल में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) के मुताबिक, चालू वर्ष की तीसरी तिमाही में पाकिस्तान में हिंसा में 90 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इस दौरान दर्ज की गई 328 घटनाओं में नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और अपराधियों सहित कुल 722 लोग मारे गए, जबकि 615 अन्य घायल हुए। इनमें से 97% मौतें बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में हुईं।
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