भारत ने कहा- मछुआरों का मामला एक मानवीय मुद्दा
भारतीय उच्चायोग ने एक ट्वीट में कहा, "मंत्री मुरुगन ने मत्स्य पालन मंत्री डगलस देवानंद से मुलाकात की। इस बात पर जोर दिया कि मछुआरों का मुद्दा एक मानवीय मामला है जो उनकी आजीविका से जुड़ा है।" दोनों पक्षों के बीच कई उच्च स्तरीय वार्ताएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद भारतीय मछुआरों द्वारा श्रीलंकाई जल क्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ना बार-बार होने वाली समस्या रही है।
दोनों देशों के बीच विवाद की एक वजह मछुआरों का मुद्दा
मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के बीच संबंधों में एक विवाद की वजह है। श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों ने पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) में भारतीय मछुआरों पर कई बार गोलीबारी की है और अपने जल क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने की कई कथित घटनाओं में भारतीय मछुआरों नौकाओं को जब्त किया है।
विदेश मंत्री ने भी श्रीलंका दौरे के दौरान इस मुद्दे पर की थी चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी पिछले महीने अपनी यात्रा के दौरान देवानंद से भी मुलाकात की थी और भारतीय मछुआरों के मुद्दे पर चर्चा की थी। 20 जनवरी को अपने ट्वीट में जयशंकर ने कहा, "मत्स्य पालन पर सहयोग पर चर्चा की और एक साथ काम करने और मानवीय दृष्टिकोण पर जोर दिया।"
मुरुगन ने मन्नार जिले का किया दौरा, भारत की प्रतिबद्धता को जताया
मुरुगन ने शुक्रवार को उत्तरी प्रांत के मन्नार जिले का दौरा किया और श्रीलंका के साथ सदियों पुराने परंपरागत संबंधों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को जताया। उन्होंने ने मन्नार में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत पवित्र तिरुकेथीश्वरम मंदिर में प्रार्थना के साथ की, जो श्रीलंका और भारत के बीच संबंधों का स्थायी प्रतीक है।
150 परिवारों को सूखा राशन और दैनिक आवश्यक वस्तुएं सौंपीं
मुरुगन ने मन्नार में 150 परिवारों को सूखा राशन और दैनिक आवश्यक वस्तुएं भी सौंपीं, जिससे श्रीलंका के विभिन्न हिस्सों में लोगों को सहायता प्रदान की गई। उन्होंने थलाइमन्नार का भी दौरा किया, जहां से भारत और श्रीलंका के बीच नौका सेवाओं को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव है। उच्चायोग ने एक अन्य ट्वीट में कहा, गहरा जुड़ाव लोगों से लोगों की बातचीत और वाणिज्यिक और व्यावसायिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है।
जाफना सांस्कृति केंद्र का करेंगे उद्घाटन, पीएम मोदी ने रखी थी आधारशिला
यात्रा के दौरान मुरुगन जाफना सांस्कृतिक केंद्र, श्रीलंका के लोगों को समर्पित करेंगे, जिसकी आधारशिला 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। अधिकारियों ने बताया कि वह 12 फरवरी को रवाना होने से पहले राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से मुलाकात करेंगे। मंत्री विभिन्न स्थलों का भी दौरा करेंगे जो श्रीलंका में भारत की जन-केंद्रित विकास साझेदारी के पैमाने और सीमा को रेखांकित करते हैं और नेताओं और हितधारकों के एक क्रॉस-सेक्शन के साथ बातचीत भी करेंगे।