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कोरोनावायरसः वुहान से 324 भारतीय पहुंचे दिल्ली, पाकिस्तानी स्टूडेंट ने इमरान सरकार को कोसा

Sat, 01 Feb 2020 10:41 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Chhawla Camp, ITBP - फोटो : ANI
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कोरोनावायरस के कहर से चीन में हाहाकार मचा हुआ है। इस खतरनाक वायरस से चीन में 259 लोगों की मौत हो गई है और 11,791 लोग संक्रमित हैं। यहां रहने वाले दूसरे देश के नागरिक शहर छोड़कर अपने देश लौटना चाह रहे हैं। इसी बीच भारत ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया। शनिवार सुबह 7.26 बजे एयर इंडिया के विशेष विमान बोइंग 747 से वुहान से 324 भारतीय यात्रियों का पहला जत्था दिल्ली पहुंचा।

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बोइंग 747 जंबो विमान ने शनिवार तड़के वुहान के तियान्हे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और सुबह 7:26 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। 324 यात्रियों में तीन नाबालिग और 211 छात्र शामिल हैं। इन्हें दिल्ली में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, छावला शिविर और हरियाणा के मानेसर में भारतीय सेना शिविर में 14 दिनों के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा।

आईटीबीपी ने बताया कि 324 भारतीयों में से 103 को हवाई अड्डे से छावला कैंप, दिल्ली में मेडिकल ऑब्जर्वेशन के लिए भेजा गया है। 

चीनी अधिकारियों ने स्क्रीनिंग के दौरान उच्च तापमान की सूचना के बाद छह भारतीयों को नहीं आने दिया। एक यात्री ने बताया कि उच्च तापमान की वजह से उन्हें विमान से उतार दिया गया। दिल्ली हवाई अड्डे पर भी एक स्क्रीनिंग कैंप बनाया गया है।
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भारतीय सेना द्वारा हरियाणा के मानेसर में एक विशेष वार्ड बनाया गया

वुहान से भारत पहुंचने वाले यात्रियों की जांच के लिए भारतीय सेना द्वारा हरियाणा के मानेसर में एक विशेष वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में लगभग 300 लोगों को रखने की सुविधा हैं। इस वार्ड में छात्रों की डॉक्टरों और कर्मचारियों के सदस्यों की एक योग्य टीम द्वारा कुछ हफ्तों तक निगरानी की जा सकती है।

भारतीय सेना ने इस विशेष वार्ड को लेकर कहा कि स्क्रीनिंग और विशेष वार्ड में रखने से पहले दो प्रक्रियाएं होंगी। सबसे पहले हवाई अड्डे पर भारतीय छात्रों की स्क्रीनिंग की जाएगी, उसके बाद उन्हें मानेसर के इस विशेष वार्ड में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संदिग्ध पाया जाएगा तो उसे इलाज के लिए बेस अस्पताल दिल्ली छावनी में आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

सेना ने कहा कि भारतीय छात्रों की स्क्रीनिंग सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) और हवाई अड्डा स्वास्थ्य प्राधिकरण (एपीएचओ) की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। 

बता दें कि चीन में कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर वहां से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए एअर इंडिया का 423 सीटों वाला बी747 विमान शुक्रवार को दिल्ली से दोपहर दोपहर एक बजकर 20 मिनट पर वुहान हवाईअड्डे के लिए रवाना हुआ था।

अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पांच डॉक्टर और एक पराचिकित्सक कर्मी विमान में हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पांच डॉक्टर और एक परा-चिकित्सक विमान में सवार हैं। 
 
एयर इंडिया के सीएमडी अश्वनी लोहानी ने बताया कि एयर इंडिया की फ्लाइट से चीन के वुहान से आज कम से कम 400 भारतीयों को लाया जाएगा। भारत पहुंचने के बाद यात्रियों के लिए विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आगे की व्यवस्था की जाएगी।

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आईटीबीपी ने दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड बनाया

सीमा की पहरेदारी करने वाले बल आईटीबीपी ने कोरोनावायरस से प्रभावित संदिग्ध लोगों को बुनियादी चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है ।

आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक कुमार पांडे ने बताया कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) कैंप में यह व्यवस्था शुरू कर दी गई है।

कोरोनावायरस के संक्रमण के मद्देनजर की जा रही तैयारियों के तहत 600 बिस्तरों वाले इस केंद्र में 25 डॉक्टरों की एक टीम मौजूद रहेगी । इस टीम में 15 सफदरजंग अस्पताल के और 10 आईटीबीपी के डॉक्टर होंगे।

पाकिस्तानी छात्र ने इमरान सरकार को कोसा
चीन में कोरोनावायरस के केंद्र वुहान में पाकिस्तानी छात्र भी फंसे हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान की इमरान सरकार ने उन्हें वापस नहीं लाने का फैसला किया है। अपनी सरकार की अनदेखी से इन स्टूडेंट्स का दिल टूट गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विडियो में भारतीय छात्र घर वापसी के लिए बस में बैठते दिख रहे हैं जिसे अपने फोन में रिकॉर्ड कर रहा पाक छात्र अपनी सरकार को कोस रहा है।

पाक पत्रकार नायला इनायत ने यह विडियो शेयर किया है जिसमें एक छात्र कह रहा है, ये लोग भारतीय छात्र हैं जिन्हें लाने के लिए उनके दूतावास ने बस भेजी है। वुहान की यूनिवर्सिटी से बस को एयरपोर्ट ले जाया जाएगा, फिर इन छात्र को उनके घरों तक पहुंचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी आज रात आएंगे।

पाक छात्र ने कहा, एक हम हैं पाकिस्तानी छात्र, जो फंसे हुए हैं जिसकी सरकार कहती है कि आप जिंदा रहो, मरो, संक्रमण होता है तो हो जाए, न हम आपको स्वदेश लाएंगे और न ही कोई सुविधा देंगे। आपको शर्म आनी चाहिए पाक सरकार, आपको भारत से कुछ सीखने की जरूरत है कि वह किस तरह अपने नागरिकों की मदद करती है।
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