रूस के अलबिनो रेंज में अंतर्राष्ट्रीय आर्मी गेम 2019 शुरू हो गए हैं। इन खेलों में भारत सहित 39 देशों की सेना के 5000 जवान भाग ले रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय खेल में एशिया, यूरोप, अफ्रीका, मध्य और लैटिन अमेरिका के देशों की 233 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
इतना ही नहीं पहली बार चार नाटो सदस्य देशों के रूप में फ्रांस, अमेरिका, स्लोवाकिया और तुर्की ने अपने पर्यवेक्षकों को इस आयोजन में भेजा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये खेल जवानों में साहस, धैर्य, युद्ध कौशल और ज्ञान बढ़ाते हैं।
खेलों के पहले दिन की शुरुआत बॉयथलॉन टैंक और हेलिकॉप्टर की प्रदर्शनी से हुई। ये खेल 17 अगस्त तक चलेंगे। इन खेलों का 10 देशों में आयोजन होता हैं। इनमें अजरबैजान, आर्मेनिया, बेलारूस, ईरान, भारत, कजाकिस्तान, चीन, मंगोलिया, रूस और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय आर्मी खेलों के पहले दिन जवानों ने हेलिकॉप्टर और टैंकों के साथ युद्धाभ्यास किया। खेलों में हेलिकॉप्टर के साथ चीनी सेना ने भी भाग लिया।
मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ऑफ रशिया द्वारा 2015 में पहली बार इन खेलों का आयोजन शुरू किया था। तब ये खेल एक से 15 अगस्त तक चले थे। उस दौरान 30 देशों के जवानों ने प्रतियोगिता में भाग लिया था।