यूक्रेन में एक बड़ी परमाणु आपदा का खतरा बढ़ रहा है। दरअसल, यहां जैपोरिझ्झिया न्यूक्लियर पावर प्लांट के बुरी तरह तबाह होने की खबरें सामने आई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से दावा किया गया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान ही इस प्लांट के पास भी जबरदस्त हमले हुए हैं। इससे संयंत्र का एक हिस्सा तबाह हुआ है। रूस और यूक्रेन दोनों ने ही इन हमलों के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है।
जैपोरिझ्झिया संयंत्र की सुरक्षा को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक होनी है। हालांकि, इससे पहले ही मॉस्को और कीव की तरफ से कहा गया है कि प्लांट के रेडियोएक्टिव मैटेरियल स्टोरेज एरिया पर पांच रॉकेट दागे गए। गौरतलब है कि जैपोरिझ्झिया यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है, जो कि बीते दिनों में युद्ध का केंद्र बन गया है।
जेलेंस्की और पुतिन
- फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन के परमाणु एजेंसी एनर्गोआटोम (Energoatom) ने कहा कि रूस की तरफ से हाल ही में प्लांट के छह रिएक्टरों के करीब गोलाबारी हुई। इससे पूरे संयंत्र में जबरदस्त धुआं छा गया और कुछ रेडिएशन सेंसर्स को भी नुकसान हुआ है। फिलहाल यूक्रेन का यह संयंत्र रूस के कब्जे में है और यूक्रेन इसे वापस पाने के लिए जबरदस्त कोशिश कर रहा है। यूक्रेन का आरोप है कि मॉस्को इस प्लांट में अपने सैकड़ों सैनिकों और हथियारों को स्टोर करने का काम कर रहा है।
जेलेंस्की
- फोटो : अमर उजाला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि अगर इस प्लांट पर हमले जारी रहते हैं तो यह शेर्नोबिल से बड़ी परमाणु आपदा में तब्दील हो सकता है। गौरतलब है कि जब यूक्रेन सोवियत रूस के साथ था, तब शेर्नोबिल स्थित परमाणु प्लांट में बड़ी आपदा देखी गई थी। इससे यूक्रेन के एक बड़े इलाके में रेडिएशन दर्ज किया गया था और शेर्नोबिल को लंबे समय के लिए खाली छोड़ दिया गया था।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
- फोटो : एएनआई
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक बयान जारी कर कहा कि जैपोरिझ्झिया प्लांट पर जारी हमलों से आपदा आ सकती है। उन्होंने दोनों पक्षों से पावर प्लांट के करीब तुरंत सैन्य गतिविधियों को रोकने की मांग की। इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) गुरुवार रात को बैठक करेगा।