अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब साइबर हमलों का खतरा भी गहरा गया है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ईरान से जुड़े साइबर समूह अमेरिका के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं। एफबीआई के अनुसार, ये हमलावर खास तौर पर जल आपूर्ति, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा सेक्टर से जुड़े सिस्टम्स पर साइबर हमले कर रहे हैं। इन हमलों में औद्योगिक ऑटोमेशन से जुड़े इंटरनेट-कनेक्टेड डिवाइस, खासकर प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को टारगेट किया जा रहा है।
कई एजेंसियों ने जारी किया संयुक्त अलर्ट
यह चेतावनी सिर्फ एफबीआई तक सीमित नहीं है। साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA), नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA), डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी समेत कई एजेंसियों ने संयुक्त एडवाइजरी जारी कर खतरे को गंभीर बताया है। एजेंसियों का कहना है कि ईरान से जुड़े हैकर विदेशी आईपी एड्रेस के जरिए अमेरिका के इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में घुसपैठ कर रहे हैं और जानबूझकर व्यवधान पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
PLC डिवाइस पर खास नजर
रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर खासतौर पर रॉकवेल ऑटोमेशन और उसकी सहयोगी कंपनी एलन-ब्रैडली के सॉफ्टवेयर और कंट्रोल सिस्टम्स को निशाना बना रहे हैं। ये डिवाइस बड़े औद्योगिक प्लांट्स के संचालन को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में इनके साथ छेड़छाड़ होने से बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट ने भी जताई चिंता
इस बीच माइक्रोसॉफ्ट ने भी एक अलग साइबर खतरे का खुलासा किया है। कंपनी के अनुसार, रूस से जुड़ा एक साइबर ग्रुप 'फॉरेस्ट ब्लिजार्ड' हजारों इंटरनेट डिवाइस, जैसे राउटर्स, को हैक कर रहा है। माइक्रोसॉफ्ट के मुताबिक, अब तक 5,000 से ज्यादा डिवाइस और करीब 200 संस्थाएं इससे प्रभावित हो चुकी हैं। यह ग्रुप इन डिवाइस का इस्तेमाल जासूसी और साइबर हमलों के लिए कर सकता है।