पटाप्स्को नदी पर 2.6 किलोमीटर लंबा चार लेन का फ्रांसिस स्कॉट पुल से 26 मार्च को 984 फीट का जहाज डाली टकरा गया था। जिसके बाद पुल ढह गया था। जहाज के चालक दल में 20 भारतीय और एक श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे। पुल पर गड्ढों की मरम्मत कर रहे छह निर्माण श्रमिक पटाप्स्को नदी में गिर गए थे और उनकी मौत हो गई थी। मृतकों में से केवल तीन के ही शव मिले थे।
अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने सोमवार को बताया की कि एफबीआई ने एक आपराधिक जांच शुरू की है। जिसमें पिछले महीने फ्रांसिस स्कॉट पुल को गिराने वाले मालवाहक जहाज पर फोकस किया जाएगा। इस जांच में यह देखा जाएगा कि क्या चालक दल ने बंदरगाह को इसलिए छोड़ दिया था कि जहाज में गंभीर सुरक्षा समस्याएं थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि संघीय एजेंसी के अधिकारी सोमवार की सुबह जांच के लिए जहाज पर चढ़ते दिखाई दिए।
खबर में संघीय प्रवर्तन एजेंसी के एक बयान के हवाले से कहा गया, एफबीआई मालवाहक जहाज डाली पर मौजूद है और उन कानून प्रवर्तन गतिविधियों में हिस्सा ले रही है, जिसकी अदालत ने अनुमति दी है। वहीं, राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (एनटीएसबी) इस बात की जांच कर रहा है कि 21.3 करोड़ पाउंड के जहाज की बिजली क्यों चली गई और वह 47 साल पुराने पुल से क्यों टकरा गया। यूएस आर्मी कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स ने कहा है कि वह मई के अंत तक दुर्घटना से प्रभावित पुल को फिर से खोलने की योजना बना रहा है।