ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हनुक्का उत्सव के दौरान हुए भीषण हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अमेरिका के एफबीआई निदेशक काश पटेल ने पुष्टि की है कि इस हमले के बाद अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है और जरूरी सहयोग दिया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा और यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
काश पटेल ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया में अपने समकक्ष अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका की एजेंसियां ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को मांगी गई हर जरूरी सहायता उपलब्ध करा रही हैं। एफबीआई प्रमुख ने हमले को भयावह बताते हुए पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई और लोगों से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की।
ये सिर्फ एक देश की समस्या नहीं- काश पटेल
एफबीआई निदेशक के बयान से साफ है कि इस हमले को सिर्फ एक देश की समस्या नहीं माना जा रहा। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया मिलकर जांच और सुरक्षा पहलुओं पर काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही राष्ट्रीय आतंकी खतरे का स्तर प्रोबेबल यानी संभावित श्रेणी में है। इसका मतलब है कि आने वाले 12 महीनों में आतंकी हमले की संभावना 50 प्रतिशत से ज्यादा मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने चेताया है कि देश का सुरक्षा माहौल संवेदनशील दौर में है।
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सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी
ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऐसे हमले आमतौर पर कम लागत वाले हथियारों और आसान तरीकों से किए जा सकते हैं। भीड़भाड़ वाले इलाके, बड़े शहर और सार्वजनिक आयोजन सबसे ज्यादा खतरे में रहते हैं। एजेंसियों ने पहले ही चेताया था कि ऐसे हमले किसी अकेले व्यक्ति या छोटे समूह के जरिए किए जा सकते हैं। सिडनी के बॉन्डी बीच पर हुआ हमला इन्हीं आशंकाओं को सच साबित करता दिखा।
हनुक्का उत्सव को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम बॉन्डी बीच पर हनुक्का के मौके पर 1000 से ज्यादा लोग जुटे थे। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसे बाद में आतंकी हमला घोषित किया गया। इस हमले में कम से कम एक इस्राइली नागरिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य इस्राइली नागरिक घायल हुआ और अस्पताल में भर्ती है। कुल मिलाकर 11 लोगों की मौत और 29 के घायल होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बताया कि यह हमला जानबूझकर यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया था।
जांच, गिरफ्तारियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
पुलिस ने बताया कि हमले में दो संदिग्ध शामिल थे। एक संदिग्ध गंभीर हालत में हिरासत में है, जबकि दूसरे को मौके पर ही मार गिराया गया। आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने यहूदी समुदाय के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि देश नफरत, हिंसा और विभाजन के आगे कभी नहीं झुकेगा। इस घटना के बाद इस्राइल की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है और ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते यहूदी विरोधी माहौल पर चिंता जताई गई है। यहूदी परिषद ने इसे घृणा से प्रेरित भयावह हिंसा करार दिया है।
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