मनी लॉन्ड्रिंग पर एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) ने बकाया जरूरतों के लिए पाकिस्तान को फॉलोअप (अनुवर्ती) स्थिति में बनाए रखा है। इससे इमरान सरकार चिंतित है। शनिवार को पाकिस्तानी अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक पाक ने कहा है कि वह धन शोधन के खिलाफ अपने कार्यान्वयन को और मजबूत करने के साथ आतंकी उपायों का वित्तपोषण रोकने के लिए काम जारी रखेगा।
बता दें कि जून 2018 में पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को ग्रे सूची में डाल दिया गया था और तभी से यह देश इससे बाहर आने के लिए संघर्ष कर रहा है। एपीजी इसी एफएटीएफ का एक क्षेत्रीय सहयोगी है।
एपीजी द्वारा जारी पाकिस्तान के पारस्परिक मूल्यांकन पर दूसरी अनुवर्ती रिपोर्ट (एफयूआर) ने भी इन्हीं मानदंडों पर पाक का दर्जा घटाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का 5 मामलों में अनुपालन की स्थिति में, 15 अन्य में बड़े पैमाने व आंशिक स्तर पर अनुपालन करने के लिए फिर से मूल्यांकन किया गया था।
इस तरह कुल 40 सिफारिशों में से 31 मामलों में पाकिस्तान एफएटीएफ की सिफारिशों का अनुपालन कर रहा है लेकिन अभी भी वह शर्तें पूरी नहीं कर रहा है। हालांकि पाक ने कहा है कि वह अन्य मामलों में भी एपीजी को दोबारा रिपोर्ट करेगा।
आतंकवाद पर ठोस उपाय नहीं
एफएटीएफ की सिफारिशों में पाकिस्तान को आतंकियों के खिलाफ ठोस उपाय अपनाने होंगे लेकिन वह इस काम में फिलहाल खरा नहीं उतर रहा है। डॉन ने बताया कि पाकिस्तान की तरफ से एफएटीएफ पर टास्क फोर्स के प्रमुख और ऊर्जामंत्री हम्माद अजहर ने एक बार फिर कहा है कि हम पेरिस स्थित संस्था को वास्तविक स्थिति से अवगत कराएंगे।