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Israel: गाजा में इस्राइली हमले पर भारत ने चिंता जताई; नेतन्याहू कैबिनेट में कट्टरपंथी नेता बेन-ग्वीर की वापसी

Wed, 19 Mar 2025 08:09 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, येरुशलम

सार

गाजा में जारी संघर्ष और इस्राइल के भीषण हमलों से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। एक तरफ नेतन्याहू सरकार हमास को खत्म करने की रणनीति अपना रही है, तो दूसरी ओर हजारों लोग शांति की मांग कर रहे हैं। वहीं भारत सरकार ने भी स्थिति पर चिंता जताई है और बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता जारी रखने की अपील की है।
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बेन ग्वीर की नेतन्याहू कैबिनेट में वापसी, इस्राइली हमले की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल की तरफ से गाजा पट्टी पर किए गए भारी हवाई हमलों में 400 से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत के बाद, कट्टरपंथी यहूदी पावर पार्टी के नेता इतमार बेन-ग्वीर फिर से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार में शामिल हो गए हैं। मंगलवार को इस्राइली सेना ने गाजा पर बड़े पैमाने पर बमबारी की, जिससे कम से कम 409 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 173 बच्चे और 88 महिलाएं शामिल हैं। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यह युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे घातक दिन था।
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यह हमला सिर्फ शुरुआत है- नेतन्याहू
वहीं प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू ने कहा कि यह हमला सिर्फ शुरुआत है और जब तक इस्राइल अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी। उनका मुख्य उद्देश्य हमास को पूरी तरह नष्ट करना और बंधकों को छुड़ाना है।

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येरूशलम में युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन
इधर, गाजा में युद्ध फिर से शुरू होने के खिलाफ हजारों इस्राइली नागरिकों ने येरूशलम में प्रदर्शन किया। उन सभी की चिंतित हैं कि यह संघर्ष हमास के कब्जे में मौजूद 24 जीवित बंधकों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।  प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संघर्ष से बंधकों की रिहाई नहीं होगी, बल्कि केवल बातचीत से ही उन्हें छुड़ाया जा सकता है।  

बेन ग्वीर की वापसी से नेतन्याहू सरकार मजबूती
इस्राइल सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि इतमार बेन ग्वीर फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री के रूप में नेतन्याहू की सरकार में शामिल हो गए हैं। उन्होंने जनवरी में सरकार छोड़ दी थी क्योंकि वह हमास के साथ संघर्षविराम के खिलाफ थे। बेन-ग्वीर युद्ध को पूरी तरह से फिर से शुरू करने के समर्थक हैं। वे गाजा से फलस्तीनियों के स्वैच्छिक पलायन और वहां यहूदी बस्तियों को फिर से बसाने की वकालत करते हैं। उनकी वापसी से नेतन्याहू सरकार को मजबूती मिलेगी, खासकर आगामी बजट प्रस्ताव के दौरान।

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भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस्राइली हमलों पर चिंता व्यक्त की और बंधकों की रिहाई की मांग की। इसके साथ ही, गाजा में मानवीय सहायता जारी रखने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'हम गाजा में स्थिति को लेकर चिंतित हैं। सभी बंधकों की रिहाई जरूरी है। साथ ही, गाजा के लोगों तक मानवीय सहायता की आपूर्ति बनी रहनी चाहिए।'

इस्राइली सेना का दावा- आतंकी ठिकानों पर हमला
इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि उसने हमास के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इस्राइली नौसेना ने भी गाजा के तट पर कई नावों को निशाना बनाया, जिन्हें आतंकी गतिविधि में इस्तेमाल किए जाने की आशंका थी। इस बीच, एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार रात और बुधवार सुबह हुए हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है।

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