22 सदस्यीय फर्जी फुटबॉल टीम जून 2025 में जापान के एयरपोर्ट पर पहुंची। सभी लोग खिलाड़ियों की तरह फुटबॉल किट पहने थे। उन्होंने दावा किया कि वे पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन (PFF) में पंजीकृत हैं और जापान के एक क्लब के साथ उनका फुटबॉल मैच होना है। अधिकारियों को शक हुआ तो पूरी टीम को जापान के एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया।
पाकिस्तान की फर्जी फुटबॉल टीम का भंडाफोड़ हुआ है। पाकिस्तान की एक फर्जी फुटबॉल टीम मैच खेलने के लिए जापान पहुंच गई। जांच के दौरान अधिकारियों को शक हुआ तो पूरी टीम के लोगों को जापान के एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया। बाद में सामने आया कि टीम में असली खिलाड़ी नहीं बल्कि मानव तस्करी के जरिये लोगों को भेजा गया था।
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संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि 22 सदस्यीय फर्जी फुटबॉल टीम जून 2025 में जापान के एयरपोर्ट पर पहुंची। सभी लोग खिलाड़ियों की तरह फुटबॉल किट पहने थे। उन्होंने दावा किया कि वे पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन (PFF) में पंजीकृत हैं और जापान के एक क्लब के साथ उनका फुटबॉल मैच होना है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनको 15 दिन का जापान का वीजा भी इसी आधार पर मिला है। टीम को लेकर जापान एयरपोर्ट पर मौजूद आव्रजन अधिकारियों को कुछ शक हुआ। अफसरों ने जांच की तो सच सामने आया और सभी 22 लोगों को एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया। मामला पाकिस्तान के पास पहुंचा जो उसने जांच एफआईए को सौंप दी।
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2024 में भी गई थी फर्जी फुटबॉल टीम
एफआईए ने जांच के दौरान मंगलवार को मुख्य आरोपी वकास अली को पकड़ा। उसने बताया कि वह एक मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है। उसने 2024 में भी 17 लोगों को फर्जी फुटबॉल टीम के नाम पर जापान भेजा था। वे लोग कभी वापस नहीं लौटे।
फर्जी पत्र और एनओसी बनाई गई
जांच में पता लगा कि आरोपियों ने लोगों को जापान भेजने के लिए पाकिस्तान फुटबॉल फेडरेशन और विदेश मंत्रालय के फर्जी पत्र व अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) बनाए थे। हर व्यक्ति से लगभग 45 लाख पाकिस्तानी रुपये वसूले गए। एफआईए इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। अफसर मुख्य आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं।