COP29: यूएन के जलवायु प्रमुख ने कहा कि जलवायु वार्ताकारों के पास सहमति तक पहुंचने के लिए समय बहुत कम है और वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि अब एक बड़े प्रयास के जरिए चर्चा को अंतिम रूप दिए जाने की जरूरत है।
संयुक्त राष्ट्र के जलवायु प्रमुख साइमन स्टिएल ने कॉप-29 सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए विकासशील देशों को वित्तीय मदद देने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैश्विक एकता और महत्वकांक्षा को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, विफलता कोई विकल्प नहीं है।
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जलवायु वार्ताकारों के पास समय बहुत कम
स्टिएल ने कहा, जलवायु वार्ताकारों के पास सहमति तक पहुंचने के लिए समय बहुत कम है और वह महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि अब एक बड़े प्रयास के जरिए चर्चा को अंतिम रूप दिए जाने की जरूरत है।
'कार्रवाई में देरी से नई योजना बनाने में आ सकती हैं मुश्किल'
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस सम्मेलन में कार्रवाई में देरी होती है, तो यह न केवल तत्काल उठाए गए कदमों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन से निपटने की नई योजनाओं को बनाने में भी मुश्किलें आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट के ऐसे समय में वैश्विक स्तर पर कोई भी विफलता घातक परिणाम दे सकती है।
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'नई राष्ट्रीय योजना के लिए वित्त में वृद्धि अत्यंत जरूरी'
जलवायु वित्त पर जारी किए गए मसौदे पर स्टिएल ने कहा कि भले ही बातें स्पष्ट हो गई हैं, लेकिन अभी भी बड़े अंतर बने हुए हैं। उन्होंने कहा, वित्त में वृद्धि अत्यंत आवश्यक है, ताकि सभी देश 1.5 डिग्री सेल्सियस के लक्ष्य के अनुरूप नई राष्ट्रीय योजना को लागू कर सकें।
'सख्त रुख को नरम करें, मतभेदों को हल करें'
उन्होंने चेतावनी दी कि कॉप29 में देरी होने से अगले साल ब्राजील में होने वाले कॉप30 सम्मेलन में समस्याएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने देशों से अपील की कि वे एक साथ आएं, सख्त रुख को नरम करें और अपने मतभेदों को हल करें। स्टिएल ने देशों से कहा, बड़ी तस्वीर पर फोकस रखें। यह न भूलें कि दांव पर क्या है।