रूस ने सुखोई एसयू-30, एसयू-35एस, मिकोयान-गुरेविच एमआईजी-31एस जैसे खतरनाक फाइटर जेट्स को अपने डिफेंस सिस्टम में शामिल कर लिया है। रूस की तरफ से यह एक्शन ऐसे समय में लिया गया है, जब पूर्वी सैन्य जिला पर उसके रडार ने हाल ही में अपने सीमा के पास ओखोटस्क सागर के ऊपर अमेरिका के एयर फोर्स बी-52एच स्ट्रेटोफोर्सट्रेस परमाणु बमवर्षकों की हलचल को दर्ज किया।
रूस की रक्षा मंत्रालय ने अपने फेसबुक पेज पर इंटरसेप्ट का 35 सेकंड लंबा वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने इंटरसेप्ट को एयरस्पेस के इस्तेमाल के लिए अंतर्राष्ट्रीय नियमों के मुताबिक अंजाम दिया।
फेसबुक पेज पर रूस के रक्षा मंत्रालय की तरफ से दिए गए बयान में कहा गया, "पूर्वी एमडी एयर डिफेंस ऑन-ड्यूटी बलों ने ओखोटस्क सागर के ऊपर उड़ान भर रहे दो अमेरिकी वायु सेना के बी-52 एच बॉम्बर्स को डिटेक्ट किया और उसकी निगरानी करने लगे।"
इस पोस्ट में आगे लिखा है कि रूसी राज्य की सीमाओं से काफी दूरी पर रडार ने टारगेट को इंटरसेप्ट किया, जिसके बाद सुखोई एसयू-30, एसयू-35एस, मिकोयान-गुरेविच एमआईजी-31एस जैसे फाइटर जेट्स को तैनात किया गया। ऐसे में रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह रूसी राज्य सीमाओं का किसी भी तरह से उल्लंघन नहीं है।"