एक तरफ ऑस्ट्रेलिया में फेसबुक पर राजनीतिक रुझान जानने के लिए करीब तीन लाख यूजरों की निजी जानकारी का खुलासा करके निजता के उल्लंघन पर बवाल मचा हुआ है तो दूसरी तरफ कंपनी ने रूस से संबंधित फर्जी खातों को हटा दिया है। फेसबुक ने फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई संघीय अदालत में लगे आरोपों पर चुप्पी साध रखी है लेकिन रूस के मामले में त्वरित कार्रवाई की पुष्टि की है।
फेसबुक द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि ‘आज हमने फेसबुक पर 49 खातों, 69 पेजों और इंस्टाग्राम के 85 खातों तथा अन्य इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर से विदेशी प्रभाव वाले खातों को हटा दिया है।’ इस बीच ट्वविटर ने घाना और नाइजीरिया में रूस से संबंधित 71 खातों को भी हटा दिया है। कंपनी ने कहा कि इन खातों को घाना और नाइजीरिया में स्थानीय नागरिकों द्वारा रूसी यूजरों की तरफ से संचालित किया जा रहा था।
हालांकि, कंपनी ने सफाई दी कि अमेरिकी चुनाव से संबंधित कोई गतिविधि उसके प्लेटफार्म पर नहीं पाई गई है। जबकि फेसबुक पर ऑस्ट्रेलिया में ‘दिस इज योर डिजिटल लाइफ’ संबंधी एक सर्वे में राजनीतिक रुझान जानने के लिए 3.11 लाख यूजरों की गोपनीयता भंग करने का मामला देश के सूचना आयुक्त एंजेलिन फॉक ने उठाया है। उन्होंने संघीय अदालत से फेसबुक पर भारी-भरकम जुर्माने की मांग की है।