आठ महीने फेसबुक मॉडरेटर के रूप में काम करने वाली सारा काट्ज कहती हैं, "यह ज्यादातर पोर्नोग्राफी है।" एजेंसी ने हमें पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हम किस तरह के कन्टेंट देख सकते हैं, हमें अंधेरे में नहीं रखा गया था।
2016 में सारा कैलिफोर्निया में एक थर्ड पार्टी एजेंसी के लिए काम करने वाली सैकड़ों ह्यूमन मॉडरेटर्स में शामिल थीं। उनका काम फेसबुक यूजर्स की ओर से आने वाली अनुचित सामग्रियों की शिकायतों की समीक्षा करना था। सारा ने बीबीसी रेडियो 5 लाइव की एम्मा बर्नेट से अपने अनुभवों को साझा किया।
चाइल्ड पोर्नोग्राफी दिमाग में बरकरार
वो कहती हैं, "एक पोस्ट की समीक्षा के लिए एक मिनट का वक्त तय था। इतने में हमें यह तय करना होता था कि क्या यह स्पैम है और इस कन्टेंट को हटा देना है?"
"कभी-कभी हम इससे जुड़े हुए अकाउंट को भी हटा देते थे।" वह आगे कहती हैं, "मैनेजमेंट चाहता था कि हम 8 घंटे से अधिक काम नहीं करें और इस दौरान हम करीब 8 हजार पोस्ट की रोजाना समीक्षा कर लेते थे। यानी करीब 1000 पोस्ट प्रति घंटे।"
"अगर मैं अपने इस जॉब के बारे में एक शब्द में बोलूं तो यह मुश्किल था।" सारा कहती हैं कि उन्हें एक क्लिक के बाद कुछ भी देखने को तैयार रहना होता था, कुछ भी। वह कहती हैं, "ऐसी चीजें जो बिना किसी चेतावनी के सीधा आपको हिट करती हों। जो एक कन्टेंट आज भी मेरे दिमाग में बरकरार है, वो था एक चाइल्ड पोर्नोग्राफी।"
"इनमें एक 12 साल के आसपास का एक लड़का और आठ या नौ साल के आसपास की एक लड़की एक दूसरे के सामने खड़े थे।"
"उनके बदन पर पैंट नहीं था और वो एक दूसरे को छू रहे थे। ठीक ऐसा लग रहा था कि कैमरे के पीछे से एक आदमी उन्हें क्या करना है, ये बता रहा है। यह बहुत परेशान करने वाला था। आप ये आसानी से बोल सकते थे कि जो दिख रहा था उसे यथार्थ में किया गया था।"