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Facebook: फेसबुक के मैसेंजर एप को जल्द मिल सकता है डिफॉल्ट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, ऑनलाइन प्राइवेसी होगी मजबूत

Fri, 12 Aug 2022 04:25 AM IST
देव कश्यप एएनआई, वाशिंगटन।

सार

मेटा के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म फिलहाल मैसेंजर उपयोगकर्ताओं को प्रति-चैट के आधार पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन शुरू करने का विकल्प प्रदान करता है, लेकिन इस विकल्प को आमतौर पर केवल सुरक्षा के प्रति जागरूक कुछ लोगों द्वारा ही अपनाया जाता है।
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फेसबुक (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
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विस्तार
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सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक (Facebook) ने अपने मैसेंजर चैट प्लेटफॉर्म (Messenger Chat Platform) में डिफॉल्ट रूप से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) को शुरू करने की अपनी लंबे समय से प्रतीक्षित योजनाओं पर एक अपडेट साझा किया है। फेसबुक ने गुरुवार को घोषणा की कि वह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का परीक्षण एंड्रॉइड और आईओएस पर अपने मैसेंजर एप के कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए डिफॉल्ट विकल्प के रूप में शुरू किया है। द वर्ज के अनुसार, फेसबुक ने कहा है कि उसने इस सप्ताह "कुछ लोगों के बीच" चैट प्लेटफॉर्म के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन फीचर का परीक्षण शुरू कर दिया है।

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फेसबुक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कंपनी को नेब्रास्का पुलिस विभाग के साथ एक यूजर का संदेश साझा करने पर लोगों की कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। फेसबुक द्वारा साझा किए गए मैसेज की मदद से नेब्रास्का पुलिस ने एक किशोर और उसकी मां के खिलाफ कथित रूप से अवैध गर्भपात कराने के आरोप में मामला दर्ज किया है।


मेटा के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म फिलहाल मैसेंजर उपयोगकर्ताओं को प्रति-चैट के आधार पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन शुरू करने का विकल्प प्रदान करता है, लेकिन इस विकल्प को आमतौर पर केवल सुरक्षा के प्रति जागरूक कुछ लोगों द्वारा ही अपनाया जाता है।

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एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को डिफॉल्ट बनाना एक बड़ा कदम होगा
इस फीचर्स की वजह से लोगों की ऑनलाइन प्राइवेसी मजबूत होगी और दुनियाभर में एक अरब से अधिक लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले चैट प्लेटफॉर्म फेसबुक मैसेंजर पर सुरक्षा की एक अलग पहचान बनेगी। हालांकि उन सरकारों के साथ तर्क-वितर्क बढ़ने की भी संभावना है, जो कहते हैं कि एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन अपराध से लड़ने की उनकी क्षमता में बाधा डालता है।

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का मतलब है कि फेसबुक की अब मनमानी नहीं चलेगी और वह अपने उपयोगकर्ताओं के संदेशों की सामग्री को नहीं देख सकेगा। केवल मैसेज भेजने वाले और इसे प्राप्त करने वाले ही देख सकते हैं। इससे हैकर्स या कानून प्रवर्तन जैसे तीसरे पक्षों के लिए डिजिटल बातचीत पर नजर रखना बहुत कठिन हो जाएगा, हालांकि यह असंभव नहीं है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि मेटा धीरे-धीरे अपने कई चैट प्लेटफॉर्म पर एन्क्रिप्शन को अधिक मजबूत कर रहा है, लेकिन इन प्रयासों को अभी तक एकीकृत नहीं किया गया है।

व्हाट्सएप पर चैट डिफॉल्ट रूप से एन्क्रिप्टेड 
कंपनी के मुताबिक व्हाट्सएप एप का चैट एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड होता है। उद्योग-मानक द्वारा पेश किए गए समान प्रोटोकॉल का उपयोग मैसेंजर सिग्नल को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है। वहीं इंस्टाग्राम पर किए जाने वाले मैसेज को सुरक्षित करने के लिए ऑप्ट-इन एन्क्रिप्शन का फिलहाल परीक्षण किया जा रहा है, और मैसेंजर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को अपने "गायब संदेश" फीचर के माध्यम से प्रदान करता है।

द वर्ज के अनुसार, मैसेंजर पर परीक्षण की जा रही अन्य नई सुविधाओं में डिवाइसों में हटाए गए संदेशों को एक साथ संकलित (सिंक्रनाइज) करना, संदेशों को भेजने की क्षमता का परीक्षण और कंपनी के रे-बैन स्टोरीज स्मार्ट ग्लासेस का उपयोग करके मैसेंजर पर भेजे गए हैंड्स-फ्री संदेशों में एन्क्रिप्शन जोड़ना शामिल है।

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