ब्रिटेन की भारतीय मूल की गृह सचिव प्रीति पटेल ने फेसबुक संस्थापक मार्क जुकरबर्ग को लिखे पत्र में कहा कि सोशल मीडिया साइट के इंक्रिप्टेड संदेशों से जन सुरक्षा को खतरा है। ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के गृह सचिवों के दस्तखत वाले इस पत्र में फेसबुक पर इंक्रिप्टेड संदेशों तक पहुंच देने का दबाव बनाया गया।
ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त पत्र में कहा गया कि निजता बेहद जरूरी है लेकिन डाटा सुरक्षा के साथ साथ कानून की प्रक्रिया भी जरूरी है। फेसबुक ने निजता उल्लंघन को लेकर हमेशा यह आश्वासन दिया है कि वह अपने उपभोक्ताओं की निजी जानकारियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर रही है।
इसके लिए सभी मंचों पर एंड टू एंड इंक्रिप्शन की व्यवस्था दी गई है। इन संदेशों को सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही देख सकता है। पत्र में कहा गया कि इससे उनकी सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता कम होती हैं।
तीनों देशों ने चिंता जताई कि इससे उनके लोगों की जानकारी का इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किए जाने और बच्चों की अस्लील तस्वीरों के प्रसार को रोकने की स्थिति में उनका कोई नियंत्रण नहीं रह जाता। इस लिए फेसबुक को जरूरत पड़ने पर इंक्रिप्टेड संदेशों तक इन देशों को पहुंच देनी चाहिए। पत्र में दावा किया गया कि फेसबुक ने उनकी चिंताओं के समाधान को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है।