फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष फिर पेश हुए। उनकी कंपनी फेसबुक निजता, नफरत वाले संदेश और बाजार की असीम शक्ति के दुरुपयोग के आरोपों के चलते जांच के दायरे में है।
जुकरबर्ग अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष निजता का उल्लंघन, घृणा फैलाने वाले या गलत जानकारी देने वाले संदेशों को हटाने से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए पेश हुए हैं। कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा की वित्तीय सेवा समिति ने जुकरबर्ग को फेसबुक के वैश्विक डिजिटल मुद्रा बनाने की योजना पर गवाही देने के लिए समन किया है।
फेसबुक की डिजिटल मुद्रा ‘लिब्रा’ योजना को अमेरिका और यूरोप में नियामकों और विधिनिर्माताओं के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, कंपनी की संपूर्ण नीतियां और कामकाज का तरीका सरकार की जांच के दायरे में है। फेसबुक के दुनियाभर में करीब 2.5 अरब उपभोक्ता हैं।
इससे पहले फेसबुक प्रमुख जुकरबर्ग अप्रैल 2018 में कांग्रेस के समक्ष गवाही देने के लिए पेश हुए थे। मौजूदा समय में कंपनी को लगभग अपनी हर कोशिश के लिए सरकार, जनता और विधिनिर्माताओं में से किसी ना किसी के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।