इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव।
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दुनिया में सेमीकंडक्टर की तेजी से बढ़ती मांग को देख भारत सरकार तेजी से कदम उठा रही है। 10 हजार करोड़ डॉलर का निवेश कर देश को सेमीकंडक्टर का वैश्विक बाजार बनाने की योजना है। देश के इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को विश्व आर्थिक मंच में आयोजित सत्र ‘लर्निंग फ्रॉम सेमीकंडक्टर सप्लाई शॉक’ में बताया कि यह निवेश केवल शुरुआत है। भारत में सेमीकंडक्टर कारोबार को तेजी देने पर किए सवाल के जवाब में वैष्णव ने कहा, ‘हमारे पास सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा, टैलेंट पूल और तकनीक, सभी कुछ है।
इस समय 50 हजार से 1 लाख सेमी कंडक्टर इंजीनियर हमारे यहां हैं, जो बेहद नई तकनीकों में काम कर रहे हैं। एक प्रकार से दुनिया में इस क्षेत्र के 25 प्रतिशत इंजीनियर हमारे पास हैं। साथ ही हमारे विश्वविद्यालय 5 लाख इंजीनियर हर साल दे रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में उन युवाओं की है जो न केवल भारत बल्कि विश्व की मदद कर सकते हैं।’ वैष्णव ने बताया कि सरकार ने 60 विश्वविद्यालयों से भी टाई-अप किए गए हैं। 10 हजार करोड़ का निवेश लंबे समय की नीति के तहत हो रहा है।
दावोस में लक्जमबर्ग के पीएम ने कहा- मैं मोदी का भक्त: शिंदे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि दुनिया मे हमारे प्रधानमंत्री के नाम का डंका बज रहा है। मुंबई के बीकेसी स्थित एमएमआरडीए ग्राउंड में आयोजित उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में शिंदे ने कहा कि दो दिन पहले दावोस में लक्जमबर्ग के पीएम मुझसे मिले और कहा कि मैं नरेंद्र मोदी का भक्त हूं। इसके अलावा जर्मनी और सऊदी अरब के मंत्री ने भी पीएम मोदी की प्रसंशा की। उन्होंने मुझसे पूछा आप मोदी के साथ हैं। मैंने उन्हें जवाब दिया कि मैं उनका ही हूं। शिंदे ने कहा कि मैं अपने प्रधानमंत्री की लोकप्रियता से गौरव महसूस करता हूं। शिंदे दो दिन पहले ही दावोस विश्व आर्थिक सम्मेलन में महाराष्ट्र के लिए 1 लाख 55 करोड़ के निवेश का एमओयू कराकर वापस लौटे है। शिंदे ने कहा कि निवेश सामंजस्य करार में पीएम मोदी का बड़ा योगदान रहा है।
अमेरिका में पैदा होंगे, भारत में पढ़ने आएंगे निकट भविष्य के विद्यार्थी : ब्रैड स्मिथ
विश्व आर्थिक मंच की बैठक में माइक्रोसॉफ्ट के प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ ने ‘बिल्डिंग इंडियाज डिजिटल इकोनॉमी : टेक पावर्ड गवर्नेंस’ सत्र में दावा किया कि निकट भविष्य में अमेरिका में जन्मे विद्यार्थी भारत आकर पढ़ाई करेंगे। साथ ही बताया कि आज जिस तरह सऊदी अरब तेल के लिए जाना जाता है, भारत की पहचान इंजीनियरिंग के लिए बन चुकी है। भारत को लेकर अपनी इन उम्मीदों के समर्थन में स्मिथ ने कहा कि आज भारत के पास दुनिया का सबसे कीमत प्राकृतिक संसाधन है, प्रतिभावान इंजीनियरों और डाटा वैज्ञानिकों की बेहद बड़ी संख्या। 21वी सदी की दुनिया यही इंजीनियर और डाटा वैज्ञानिक बना रहे हैं। यह संसाधन अगले 3 दशक उपयोगी साबित होगा। एआई उनके लिए नये अवसर पैदा करेगा। स्मिथ ने कहा, ‘भारतीय युवा आज पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने वाले इंजीनियर हैं। वे भारत में रहते हुए सामाजिक तौर पर भी बाकी दुनिया से बेहतर और विविधता भरा अनुभव पा रहे हैं।
अगले 2 साल में साइबर हमलों की प्रलय, वैश्विक अस्थिरता वजह : रिपोर्ट
विश्व में अस्थिरता के कारण अगले दो साल में साइबर हमलों की प्रलय आ सकती है। यह चेतावनी विश्व आर्थिक मंच में रखी गई एक रिपोर्ट में दी गई। इसमें 93 प्रतिशत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और 86 प्रतिशत कारोबारी लीडर्स ने दावा किया कि यह प्रलयकारी साइबर हमला बेहद नुकसान करने वाला साबित होगा। अगले दो वर्ष में इसके होने की आशंका इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी योग्यता रखने वाले विशेषज्ञ पूरी दुनिया में कम हैं। 34 प्रतिशत साइबर विशेषज्ञों के अनुसार उन्हें कुशल टीम सदस्य नहीं मिल रहे, वहीं 14 प्रतिशत के अनुसार बेहद जरूरी कौशल वाले सदस्यों की भी कमी है। इन साइबर हमलों का खतरा न केवल समाज बल्कि हमारे बुनियादी ढांचों को भी है। करीब 300 विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया कि आधी से अधिक कंपनियां उन देशों का मूल्यांकन कर रही हैं, जहां वे काम कर रही हैं। कई देश खुद भी साइबर निगरानी सुधार भी रहे हैं। लेकिन वैश्विक अस्थिरता से कई प्रयास विफल होते दिख रहे हैं, जोखिम बढ़ रहा है। आपसी विश्वास व सहयोग बढ़ाने व साइबर सुरक्षा का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की जरूरत है।